मंगलवार पूजा का सही तरीका जानिए हनुमान जी की आराधना से मिलेगा सुख समृद्धि और सफलता शॉर्ट डिस्क्रिप्शन
मंगलवार की पूजा के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ लाल या केसरिया रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के पूजा स्थल की सफाई कर भगवान हनुमान की प्रतिमा या चित्र के सामने लाल वस्त्र बिछाएं। पूजा स्थान पर शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं और धूप अगरबत्ती अर्पित करें।
इसके बाद भगवान श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण का स्मरण करते हुए हनुमान जी का ध्यान करें क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रीराम की भक्ति के बिना हनुमान जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। हनुमान जी को सिंदूर चमेली का तेल लाल फूल गुड़ और चने का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो लाल रंग का फूलों का हार भी चढ़ाएं।
पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करें। इसके बाद बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। जो लोग पूरा पाठ नहीं कर सकते वे कम से कम हनुमान चालीसा और श्रीराम नाम का जाप अवश्य करें। पूजा के अंत में आरती करें और परिवार के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें।
यदि मंगलवार का व्रत रखा है तो दिनभर सात्विक भोजन करें या फलाहार ग्रहण करें। कई श्रद्धालु इस दिन नमक का सेवन नहीं करते और केवल एक समय भोजन करते हैं। व्रत के दौरान क्रोध झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना लाल मसूर की दाल गुड़ या फल का दान करना भी शुभ माना जाता है।
शाम के समय निकट के हनुमान मंदिर में जाकर दीपक जलाना और दर्शन करना भी लाभकारी माना जाता है। इस दिन बंदरों को केला या गुड़ चना खिलाना तथा गाय को रोटी खिलाना भी पुण्यदायी माना जाता है। हालांकि यह कार्य स्थानीय परिस्थितियों और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए ही करना चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार की पूजा केवल मनोकामना पूर्ति के लिए नहीं बल्कि आत्मबल धैर्य और सकारात्मक सोच विकसित करने का भी माध्यम है। श्रद्धा विश्वास और सच्चे मन से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करती है। इसलिए मंगलवार के दिन पूरे मन से भगवान हनुमान की आराधना करें और सदाचार सेवा तथा परिश्रम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
