July 6, 2026

अभिनेता राकेश बेदी के एक अनूठे प्रयोग ने बढ़ाया फिल्म का बजट, 'धुरंधर' के इस आइकॉनिक सीन के लिए मेकर्स को कराना पड़ा था भारी वीएफएक्स

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नई दिल्ली । बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर-2’ की सफलता की कहानियां आज भी सिनेमाई गलियारों में चर्चा का विषय बनी रहती हैं। निर्देशक आदित्य धर के कुशल निर्देशन में बनी इन दोनों फिल्मों ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड स्थापित किए, बल्कि कलाकारों के बेमिसाल अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया। इस फिल्म फ्रैंचाइजी में रणवीर सिंह, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल जैसे दिग्गज सितारों की मौजूदगी के बावजूद, अभिनेता राकेश बेदी का किरदार ‘जमील जमाली’ सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने में कामयाब रहा। फिल्म के पहले हिस्से में उनकी भूमिका भले ही सीमित थी, लेकिन दूसरे पार्ट में उनके अभिनय ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। हाल ही में इस फिल्म के एक बेहद लोकप्रिय और मजेदार सीन से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सामने आया है, जिससे यह पता चलता है कि कैसे राकेश बेदी की एक तात्कालिक सूझबूझ यानी इंप्रोवाइजेशन के कारण मेकर्स को फिल्म का बजट बढ़ाना पड़ गया था।

फिल्म ‘धुरंधर’ श्रृंखला में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के दृश्य के दौरान जमील जमाली का किरदार निभा रहे राकेश बेदी एक बेहद अनूठा संवाद बोलते नजर आते हैं। एक इंटरव्यू के दौरान इस बात का खुलासा खुद राकेश बेदी ने किया कि फिल्म की मूल पटकथा में वह संवाद शामिल ही नहीं था। शूटिंग के दौरान उन्होंने अपनी तरफ से ‘योर बटक्स आर वेरी व्हाइट’ वाली लाइन जोड़ दी थी। यह संवाद दरअसल अंग्रेजी के शब्द ‘बटक्स’ और बत्तख के बीच के उच्चारण के साम्य पर आधारित एक फनी तंज था। अभिनेता का यह प्रयोग निर्देशक आदित्य धर को इतना ज्यादा पसंद आया कि उन्होंने इस लाइन को फिल्म से हटाने के बजाय इसे हर हाल में स्क्रीन पर बनाए रखने का फैसला किया। हालांकि, इस एक लाइन को दृश्य के अनुकूल और तर्कसंगत बनाने के लिए पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान भारी तकनीकी बदलाव करने पड़े।

अभिनेता राकेश बेदी ने इस संबंध में एक कार्यक्रम के दौरान विस्तार से बताया कि जब उन्होंने सेट पर इस संवाद की डिलीवरी की थी, तब वहां पृष्ठभूमि में न तो कोई जलस्रोत था और न ही कोई बत्तखें मौजूद थीं। यह पूरी तरह से एक खाली फ्रेम था। निर्देशक आदित्य धर ने इस बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग को स्क्रीन पर जीवंत करने के लिए विशेष रूप से वीएफएक्स (विजुअल इफेक्ट्स) टीम की मदद ली। मेकर्स ने महंगे ग्राफिक्स और वीएफएक्स का उपयोग करते हुए दृश्य की पृष्ठभूमि में एक कृत्रिम तालाब और उसमें तैरती हुई बत्तखें तैयार करवाईं। इस तकनीकी काम के चलते फिल्म के बजट में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई, क्योंकि यह उस समय के सबसे जटिल और महंगे वीएफएक्स कार्यों में से एक बन गया था। हालांकि, मेकर्स का यह जुआ पूरी तरह सफल रहा और जब यह सीन सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुआ, तो दर्शकों की हंसी रोक पाना नामुमकिन हो गया।

इस फिल्म की अप्रत्याशित सफलता और इस खास दृश्य ने राकेश बेदी के करियर ग्राफ को एक नई ऊंचाई प्रदान की। फिल्म की रिलीज के बाद मनोरंजन उद्योग में उनकी मांग तेजी से बढ़ी, जिसके बाद उन्हें कई बड़े विज्ञापनों और लोकप्रिय पॉडकास्ट में आमंत्रित किया जाने लगा। अगर फिल्म के व्यावसायिक प्रदर्शन की बात करें, तो रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर-2’ का निर्माण लगभग 250 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ किया गया था। इस बजट में वीएफएक्स के ऐसे ही कई अन्य बारीक और महंगे काम भी शामिल थे। फिल्म ने अपनी रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए वैश्विक स्तर पर 1850 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन किया था। कलात्मक स्वतंत्रता और कलाकारों के हुनर को तवज्जो देने की निर्देशक की इसी सोच ने इस फिल्म को इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया।

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