दिल्ली में सजेगा इंटर-स्कूल फुटबॉल का महाकुंभ, ओरिएंटल कप के चौथे संस्करण का आगाज 7 जुलाई से
इस वर्ष टूर्नामेंट में दिल्ली-एनसीआर के 45 से अधिक स्कूलों के करीब 1,500 खिलाड़ी भाग लेंगे। प्रतियोगिता के दौरान लड़कों की अंडर-17 और लड़कियों की अंडर-19 श्रेणियों में 50 से अधिक मुकाबले खेले जाएंगे। आयोजकों का मानना है कि यह प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और प्रतिस्पर्धी माहौल में निखरने का बेहतरीन मंच उपलब्ध कराएगी।
ओरिएंटल कप के संस्थापक फरीद बख्शी ने कहा कि इस टूर्नामेंट का उद्देश्य केवल मुकाबले आयोजित करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर फुटबॉल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि इस बार पुरस्कार राशि को दोगुने से भी अधिक बढ़ाया गया है और पहली बार 10 योग्य छात्र-एथलीटों के लिए 2.5 लाख रुपये की छात्रवृत्ति शुरू की गई है। इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग मिलने के साथ उनके खेल और शिक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।
बख्शी ने लड़कियों की बढ़ती भागीदारी पर भी खुशी जताई। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के पहले संस्करण की तुलना में अब लड़कियों की टीमों की संख्या दोगुनी हो चुकी है और कुल प्रतिभागी टीमों में उनकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह बदलाव स्कूल स्तर पर महिला फुटबॉल के प्रति बढ़ती रुचि और समान अवसरों की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
इस बार लड़कों की अंडर-17 प्रतियोगिता में 25 से अधिक टीमें मैदान में उतरेंगी, जबकि लड़कियों की अंडर-19 श्रेणी में 16 से अधिक टीमें भाग लेंगी। आयोजकों के अनुसार, यह 2023 में शुरू हुए टूर्नामेंट के लगातार बढ़ते प्रभाव और लोकप्रियता को दर्शाता है।
ओरिएंटल कप की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। तब से अब तक यह प्रतियोगिता 55 से अधिक स्कूलों और गैर-सरकारी संगठनों को जोड़ चुकी है। पिछले तीन संस्करणों में 2,700 से अधिक युवा फुटबॉलर हिस्सा ले चुके हैं और 80 से अधिक मुकाबले सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। आयोजन समिति का लक्ष्य इसे देश के सबसे प्रतिष्ठित इंटर-स्कूल फुटबॉल टूर्नामेंटों में शामिल करना है।
