जमीन के नीचे मिला 40,000 सिक्कों का रोमन खजाना, फ्रांस में खुदाई में 1,700 साल पुराना इतिहास उजागर
यह खोज केवल एक खजाना नहीं, बल्कि रोमन साम्राज्य के उस भूले-बिसरे दौर की झलक है, जब वहां समृद्ध जीवन, व्यवस्थित शहर और आधुनिक माने जाने वाले ढांचागत सिस्टम मौजूद थे।
खुदाई में मिला पूरा रोमन मोहल्ला
यह खोज तब सामने आई जब एक निजी संपत्ति पर निर्माण कार्य के लिए खुदाई शुरू की गई। इसके बाद नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर प्रिवेंटिव आर्कियोलॉजिकल रिसर्च (INRAP) की टीम ने 1,500 वर्ग मीटर क्षेत्र की जांच की।
जांच में सिर्फ सिक्के ही नहीं, बल्कि एक पूरा रोमन आवासीय इलाका सामने आया, जिसमें पत्थर के घर, पक्की सड़कें, आंगन, कार्यशालाएं और जमीन के नीचे बना प्राचीन हीटिंग सिस्टम (हाइपोकॉस्ट) भी शामिल था। इससे संकेत मिलता है कि यह इलाका कभी व्यापारियों और समृद्ध कारीगरों का केंद्र रहा होगा।
तीन घड़ों में छिपा ‘होम बैंक’
पुरातत्वविदों के लिए सबसे बड़ी रहस्यपूर्ण खोज तीन मिट्टी के घड़े हैं, जिन्हें फर्श के नीचे बेहद व्यवस्थित तरीके से रखा गया था। इनमें से एक घड़े में लगभग 23,000 सिक्के थे, जिनका वजन करीब 38 किलोग्राम बताया गया है। दूसरे घड़े में लगभग 18,000 सिक्के मिले, जबकि तीसरा घड़ा खाली पाया गया।
विशेष बात यह है कि इन घड़ों को सामान्य तौर पर खजाना छिपाने की तरह जल्दबाजी में नहीं, बल्कि एक योजनाबद्ध तरीके से जमीन के नीचे रखा गया था। इससे शोधकर्ताओं को यह अनुमान लगाने का आधार मिला है कि यह किसी तरह का ‘होम बैंक’ रहा होगा, जहां लोग अपनी दैनिक बचत जमा और निकालते थे।
सिक्कों पर रोमन शासकों की छाप
इन सिक्कों पर रोमन साम्राज्य के शासकों विक्टोरिनस और टेट्रिकस के चित्र अंकित हैं, जो तीसरी शताब्दी से संबंधित हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह क्षेत्र उस समय रोमन प्रशासन और आर्थिक गतिविधियों का सक्रिय केंद्र रहा होगा।
आग ने बदल दी पूरी कहानी
पुरातात्विक अध्ययन के अनुसार, चौथी शताब्दी की शुरुआत में इस समृद्ध इलाके में एक भीषण आग लगी, जिसने पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया। हालांकि बाद में लोगों ने इसे फिर से बसाने की कोशिश की, लेकिन कुछ समय बाद एक और बड़ी आग ने इस बस्ती को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
इसके बाद यह इलाका पूरी तरह उजड़ गया और निवासी कभी वापस नहीं लौटे। समय के साथ घर मलबे में बदल गए और फर्श के नीचे दबा यह ‘होम बैंक’ इतिहास की परतों में खो गया, जो अब सदियों बाद फिर से सामने आया है।
