अमेरिका का दमदार प्रदर्शन, बोस्निया और हर्जेगोविना को 2-0 से हराकर फीफा वर्ल्ड कप के अंतिम-16 में बनाई जगह
मैच के शुरुआती मिनटों से ही अमेरिका ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार हमले किए। फोलारिन बालोगुन ने शुरुआती दौर में गेंद को गोलपोस्ट तक पहुंचा दिया था लेकिन ऑफसाइड होने के कारण गोल मान्य नहीं हो सका। हालांकि इससे अमेरिकी टीम का आत्मविश्वास कम नहीं हुआ और पहले हाफ के इंजरी टाइम में उसे मेहनत का फल मिल गया।
मलिक टिलमैन के शानदार पास पर बालोगुन ने बेहतरीन मूव बनाया और रक्षापंक्ति को चकमा देते हुए गेंद को गोलकीपर निकोला वासिलज के नीचे से निकालकर नेट में पहुंचा दिया। इस गोल की बदौलत अमेरिका ने 1-0 की बढ़त हासिल की और पहले हाफ का समापन बढ़त के साथ किया। अतिरिक्त समय में बालोगुन एक और गोल करने के बेहद करीब पहुंचे लेकिन उनका जोरदार शॉट क्रॉसबार से टकराकर बाहर निकल गया।
दूसरे हाफ में बोस्निया और हर्जेगोविना ने वापसी की कोशिश की लेकिन अमेरिकी रक्षा पंक्ति ने उन्हें ज्यादा अवसर नहीं दिए। मैच का सबसे बड़ा मोड़ 64वें मिनट में आया जब वीडियो असिस्टेंट रेफरी की समीक्षा के बाद बालोगुन को रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद अमेरिका को लगभग आधे घंटे तक एक खिलाड़ी कम के साथ खेलना पड़ा।
संख्या में पिछड़ने के बावजूद अमेरिका ने अनुशासित खेल का शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने रक्षात्मक मजबूती बनाए रखते हुए विरोधी टीम को बराबरी का कोई मौका नहीं दिया। मैच के अंतिम चरण में मलिक टिलमैन ने फ्री किक पर शानदार गोल दागकर अमेरिका की बढ़त 2-0 कर दी और मुकाबला पूरी तरह अपने नाम कर लिया। इससे पहले क्रिश्चियन पुलिसिक का भी एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिया गया था।
यह जीत कई मायनों में अमेरिका के लिए ऐतिहासिक साबित हुई। फीफा वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में किसी यूरोपीय टीम के खिलाफ यह उसकी केवल दूसरी जीत है। साथ ही यूरोपीय टीमों के खिलाफ लगातार 12 मुकाबलों से चले आ रहे हार के सिलसिले पर भी अमेरिका ने विराम लगा दिया। पिछले चार विश्व कप में यह चौथी बार है जब अमेरिकी टीम अंतिम 16 तक पहुंचने में सफल रही है।
अब मुख्य कोच मौरिसियो पोचेटिनो की टीम का सामना 7 जुलाई को बेल्जियम से होगा। यदि अमेरिका यह मुकाबला जीतने में सफल रहता है तो वह 2002 के बाद पहली बार और आधुनिक विश्व कप इतिहास में केवल दूसरी बार क्वार्टर फाइनल में प्रवेश करेगा। ऐसे में अमेरिका की नजर अब अगले दौर में भी इसी लय को बरकरार रखते हुए इतिहास रचने पर होगी।
