July 2, 2026

'बाहुबली यूनिवर्स' का महा-विस्तार: दो भागों की एनीमे फिल्म लेकर आ रहे हैं ईशान शुक्ला, मृत्यु के बाद की अनसुनी कहानी का होगा खुलासा

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नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हो चुकी ‘बाहुबली’ फ्रैंचाइजी के प्रशंसकों के लिए एक अत्यंत रोमांचक और बड़ी खबर सामने आई है। जहाँ एक तरफ मुख्य स्टार कास्ट प्रभास, राणा दग्गुबाती और अनुष्का शेट्टी ने ‘बाहुबली 3’ के निर्माण का संकेत देकर हलचल बढ़ा दी है, वहीं दूसरी तरफ इस सिनेमाई यूनिवर्स के क्रिएटर एस एस राजामौली के मार्गदर्शन में एक भव्य एनीमे फिल्म ‘बाहुबली: द एटर्नल वॉर’ की तैयारियां तेज हो गई हैं। दो भागों में बनने वाली इस महत्वाकांक्षी एनीमे फिल्म के निर्देशक ईशान शुक्ला ने इसके अनूठे कॉन्सेप्ट और कहानी को लेकर कई बेहद दिलचस्प खुलासे किए हैं।

इस नई फिल्म की कहानी मूल फिल्मों के नायक अमरेंद्र बाहुबली के जीवन के अंत के बाद से शुरू होगी। निर्देशक ईशान शुक्ला के अनुसार, यह फिल्म अमरेंद्र बाहुबली की आत्मा की उस परलोक यात्रा पर आधारित है, जहां वह एक विशाल और दिव्य उद्देश्य को पूरा करने के लिए ‘देवासुर संग्राम’ का हिस्सा बनता है। फिल्म का यह अलौकिक और पौराणिक कॉन्सेप्ट पारंपरिक भारतीय सिनेमा से बिल्कुल अलग है, जिसने अपने शुरुआती टीज़र से ही दर्शकों और फिल्म समीक्षकों के बीच भारी उत्सुकता पैदा कर दी है।

इस अनूठे एनीमे प्रोजेक्ट की शुरुआत की कहानी भी काफी दिलचस्प है। वर्ष 2024 में एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के दौरान निर्देशक ईशान शुक्ला की मुलाकात बाहुबली के मूल निर्माता शोबू येरलागडा से हुई थी। शोबू इस ऐतिहासिक फ्रैंचाइजी को एनिमेशन के माध्यम से वैश्विक मंच पर आगे ले जाने के इच्छुक थे। इसके बाद ईशान ने अमरेंद्र बाहुबली की मृत्यु के बाद की काल्पनिक और आध्यात्मिक यात्रा पर एक पूरी स्क्रिप्ट तैयार की। यह विचार निर्माता शोबू और मास्टर डायरेक्टर एस एस राजामौली को इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी।

निर्देशक ने बताया कि हमारे प्राचीन धर्मग्रंथों में पृथ्वी के अलावा अन्य लोकों और आयामों का विस्तृत वर्णन मिलता है, जिसे पर्दे पर जीवंत करने के लिए एनीमे को सबसे उपयुक्त माध्यम माना गया। अमर चित्र कथा के प्रभाव और भारतीय पौराणिक कथाओं के प्रति लगाव ने इस कहानी को आकार देने में मुख्य भूमिका निभाई। अमरेंद्र बाहुबली का चरित्र भगवान राम की तरह बेहद पवित्र और आदर्शवादी रहा है, इसलिए उसकी असमय मृत्यु के बाद परलोक में उसकी आत्मा के अंतर्द्वंद्व और उसके सामने आने वाले विकल्पों को देखना दर्शकों के लिए एक बिल्कुल नया और दार्शनिक अनुभव होगा।

इस कहानी की सबसे बड़ी भावनात्मक त्रासदी का जिक्र करते हुए निर्देशक ने कहा कि अमरेंद्र बाहुबली को पृथ्वी छोड़ते समय यह कभी पता ही नहीं चल पाया था कि उसके सबसे वफादार कटप्पा ने उसकी पीठ में छुरा क्यों घोंपा था। प्राचीन भारतीय इतिहास और गाथाओं में ऐसे कई प्रसंग मिलते हैं जहां पराक्रमी योद्धा सत्ता शिखर पर पहुंचने से ठीक पहले षड्यंत्र का शिकार हो गए। फिल्म का प्री-प्रोडक्शन कार्य आधिकारिक रूप से पूरा कर लिया गया है, और चूंकि उच्च स्तरीय एनिमेशन निर्माण में लंबा समय लगता है, इसलिए मेकर्स ने साल 2027 में इस महागाथा के पहले भाग को सिनेमाघरों में रिलीज करने का लक्ष्य रखा है।

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