July 1, 2026

अफगानिस्तान एयरस्ट्राइक पर भारत-पाकिस्तान आमने-सामने, इस्लामाबाद ने कार्रवाई को बताया जायज़, नई दिल्ली ने कहा- संप्रभुता पर हमला

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नई दिल्ली । अफगानिस्तान में हाल ही में हुई एयरस्ट्राइक को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है। भारत द्वारा इस कार्रवाई की आलोचना किए जाने के बाद पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अपनी सैन्य कार्रवाई को उचित और आवश्यक बताया है। दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर ऐसे समय सामने आया है, जब क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं।

पाकिस्तान ने अपने आधिकारिक रुख में कहा कि सीमा पार मौजूद आतंकवादी ढांचे के खिलाफ की गई कार्रवाई उसके राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के अनुरूप थी। इस्लामाबाद का दावा है कि उसने अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहते हुए अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया। साथ ही पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया कि वह अफगानिस्तान की भूमि का इस्तेमाल पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों के लिए किए जाने का समर्थन करता है तथा आतंकवादी संगठनों को सहायता उपलब्ध कराता रहा है।

भारत ने इन आरोपों को पहले भी निराधार बताया है और अफगानिस्तान में हुई एयरस्ट्राइक पर कड़ी आपत्ति जताई थी। भारतीय पक्ष का कहना है कि किसी भी संप्रभु देश की सीमा के भीतर इस प्रकार की सैन्य कार्रवाई क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। भारत ने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताते हुए नागरिकों की मौत पर भी गहरी संवेदना व्यक्त की थी।

भारत का यह भी कहना है कि क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि संवाद और सहयोग के माध्यम से निकाला जाना चाहिए। नई दिल्ली ने दोहराया कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन के अपने रुख पर कायम है।

दूसरी ओर अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान की कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। अफगान प्रशासन का दावा है कि हवाई हमलों में आतंकवादी नहीं बल्कि बड़ी संख्या में आम नागरिक प्रभावित हुए हैं। उसके अनुसार महिलाओं और बच्चों सहित कई लोगों की मौत हुई तथा अनेक नागरिक घायल हुए। अफगानिस्तान ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय मानवीय सिद्धांतों और अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।

हालांकि पाकिस्तान का दावा इससे अलग है। उसका कहना है कि सीमा क्षेत्र में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया और कार्रवाई पूरी तरह लक्षित थी। इस्लामाबाद का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल सुरक्षा खतरों को समाप्त करना था और नागरिकों को नुकसान पहुंचाना उसकी नीति नहीं है।

इस पूरे घटनाक्रम ने दक्षिण एशिया और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को एक बार फिर बढ़ा दिया है। भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अलग-अलग दावों के बीच घटनाओं की वास्तविक स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती बयानबाज़ी और सीमा पार सैन्य कार्रवाइयों से क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में आने वाले समय में कूटनीतिक संवाद, संयम और पारदर्शिता ही तनाव कम करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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