टी20 विश्व कप में कंगारुओं के खिलाफ सात मैचों में पांच हार, करो या मरो के मुकाबले में आज नया इतिहास रचने उतरेगी भारतीय महिला टीम
नई दिल्ली। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप अपने सबसे रोमांचक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। टूर्नामेंट के ग्रुप-ए के एक बेहद हाई-वोल्टेज मुकाबले में आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सामना छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम से होने जा रहा है। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाने वाला यह मैच हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली ‘वीमेन इन ब्लू’ के लिए साख और सेमीफाइनल में पहुंचने की अंतिम जंग है। भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला पूरी तरह से ‘करो या मरो’ का रूप ले चुका है, जहां एक छोटी सी चूक टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा सकती है।
भारतीय टीम ने अब तक इस टूर्नामेंट में शानदार खेल का प्रदर्शन किया है। टीम ने अपने चार मैचों में से तीन में जीत दर्ज की है और वह छह अंकों के साथ ग्रुप-ए की अंक तालिका में दूसरे स्थान पर मौजूद है। दूसरी तरफ, सोफी मोलिनक्स की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने सभी चार मैच जीतकर आठ अंकों के साथ शीर्ष पर काबिज है। भारत को सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित करने के लिए कंगारू टीम पर हर हाल में एक बड़ी और ठोस जीत की दरकार होगी। यदि भारतीय टीम इस मैच में पीछे रह जाती है, तो उसे दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के बीच होने वाले मैच के परिणाम पर निर्भर रहना पड़ेगा।
जब बात महिला टी20 विश्व कप के इतिहास की आती है, तो भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच का रिकॉर्ड भारतीय प्रशंसकों को डराने वाला रहा है। दोनों टीमें इस टूर्नामेंट के इतिहास में अब तक कुल सात बार आमने-सामने आ चुकी हैं, जिनमें से भारत को केवल दो मैचों में जीत नसीब हुई है, जबकि पांच बार उसे हार का सामना करना पड़ा है। दोनों के बीच इस टूर्नामेंट में आखिरी भिड़ंत अक्टूबर 2024 में शारजाह में हुई थी, जहां ऑस्ट्रेलिया ने भारत को नौ रनों के करीबी अंतर से मात दी थी। इसके अलावा 2020 के विश्व कप फाइनल और 2023 के सेमीफाइनल में भी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भारत का दिल तोड़ा था।
इस बड़े मंच पर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर का बल्ला हमेशा गरजा है। वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत की ओर से सबसे ज्यादा सात मैच खेलने वाली खिलाड़ी हैं और उनके नाम इन मुकाबलों में सर्वाधिक 197 रन दर्ज हैं। व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर के मामले में सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना शीर्ष पर हैं, जिन्होंने साल 2018 में कंगारू गेंदबाजों के खिलाफ 83 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। वहीं, गेंदबाजी के मोर्चे पर दीप्ति शर्मा और लेग स्पिनर पूनम यादव ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को सबसे ज्यादा परेशान करते हुए सात-सात विकेट चटकाए हैं।
क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर भारतीय टीम के पास न सिर्फ अपनी पुरानी हार का हिसाब चुकता करने का सुनहरा मौका है, बल्कि इतिहास को बदलकर सीधे सेमीफाइनल में कदम रखने का भी शानदार अवसर है। भारतीय खेल प्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि हरमनप्रीत सेना इस बार अपने पुराने रिकॉर्ड के दबाव को पीछे छोड़कर मैदान पर सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाएगी। पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें आज शाम को होने वाले इस महामुकाबले पर टिकी हुई हैं।
