सरकारी बीमा दिग्गज एलआईसी का बड़ा तोहफा: 10 रुपए प्रति शेयर लाभांश के लिए आज ही खरीदने होंगे शेयर
भारतीय शेयर बाजार में लागू टी+1 सेटलमेंट व्यवस्था के अनुसार किसी भी निवेशक का नाम रिकॉर्ड डेट तक कंपनी के शेयरधारकों की सूची में होना चाहिए। इसके लिए निवेशकों को रिकॉर्ड डेट से एक कारोबारी दिन पहले तक शेयर खरीदने होते हैं ताकि तय तारीख तक शेयर उनके डीमैट खाते में दिखाई दें। इसी कारण 24 जून को एलआईसी के शेयर खरीदने वाले निवेशक डिविडेंड के पात्र माने जाएंगे।
कंपनी ने अपने शेयरधारकों को प्रति इक्विटी शेयर 10 रुपए के अंतिम लाभांश का प्रस्ताव दिया है। यह भुगतान उन निवेशकों को मिलेगा जिनके नाम रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज होंगे। डिविडेंड को निवेशकों के लिए अतिरिक्त आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है, क्योंकि कंपनियां अपने मुनाफे का एक हिस्सा शेयरधारकों के साथ साझा करती हैं।
एलआईसी ने हाल के महीनों में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है, जिसका असर कंपनी के निवेशकों के विश्वास पर भी दिखाई दिया है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 23.2 प्रतिशत बढ़कर 23,420 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 19,013 करोड़ रुपए था। इस प्रदर्शन के साथ एलआईसी वित्तीय क्षेत्र की सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनियों में शामिल रही।
जनवरी से मार्च 2026 की अवधि में कंपनी की शुद्ध प्रीमियम आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़कर लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई, जबकि एक वर्ष पहले समान अवधि में यह करीब 1.5 लाख करोड़ रुपए थी। प्रीमियम आय में यह वृद्धि कंपनी के व्यवसाय विस्तार और बाजार में उसकी मजबूत स्थिति को दर्शाती है।
एलआईसी ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के बीच सबसे अधिक तिमाही लाभ अर्जित करने वाली कंपनी का स्थान भी बनाए रखा है। मजबूत आय, लाभ में वृद्धि और स्थिर कारोबारी प्रदर्शन के कारण कंपनी निवेशकों के बीच लगातार आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
कंपनी की परिसंपत्तियों के आकार में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 31 मार्च 2026 तक प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां 57 लाख करोड़ रुपए से अधिक के स्तर पर पहुंच गईं। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। एसेट्स अंडर मैनेजमेंट में लगातार वृद्धि कंपनी की वित्तीय मजबूती और निवेशकों के भरोसे को प्रतिबिंबित करती है।
डिविडेंड आय से जुड़े कर नियमों को लेकर भी निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। वर्तमान नियमों के अनुसार यदि किसी निवासी व्यक्ति को एक वित्त वर्ष में 5,000 रुपए से अधिक का कुल डिविडेंड प्राप्त होता है, तो उस पर 10 प्रतिशत की दर से स्रोत पर कर कटौती लागू होती है। इसलिए निवेशकों को अपने कर दायित्वों का भी ध्यान रखना चाहिए।
मजबूत वित्तीय परिणाम, बढ़ता लाभ, विशाल परिसंपत्ति आधार और आकर्षक डिविडेंड घोषणा के चलते एलआईसी के शेयर एक बार फिर निवेशकों की चर्चा के केंद्र में हैं। रिकॉर्ड डेट से पहले डिविडेंड पात्रता हासिल करने की होड़ के बीच बाजार की नजरें अब कंपनी के आगामी प्रदर्शन और निवेशकों की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।
