June 23, 2026

यूरोप पर गर्मी का कहर: फ्रांस में 18 मौतें, ब्रिटेन में रेड अलर्ट, कई देशों में आपात हालात

0
23-23-1782215861

नई दिल्ली । यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन, इटली, जर्मनी और बेल्जियम समेत कई देशों में तापमान सामान्य से कहीं अधिक दर्ज किया जा रहा है। गर्मी का असर केवल लोगों की सेहत तक सीमित नहीं है बल्कि परिवहन व्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति, शिक्षा व्यवस्था और दैनिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की चरम मौसमीय घटनाएं पहले की तुलना में अधिक खतरनाक और बार-बार देखने को मिल रही हैं।

फ्रांस में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है। देश के आधे से अधिक हिस्सों में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है और लगभग 3.9 करोड़ लोग इसकी जद में हैं। भीषण गर्मी के कारण अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं। बताया गया है कि दोनों बच्चों को एक कार के अंदर बेहोश अवस्था में पाया गया था। हालात की गंभीरता को देखते हुए फ्रांस सरकार ने आपात समीक्षा बैठक बुलाने का फैसला किया है। देशभर में 1,350 से अधिक स्कूल बंद कर दिए गए हैं ताकि बच्चों को गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।

ब्रिटेन में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी ने इंग्लैंड के छह क्षेत्रों में रेड हेल्थ वार्निंग जारी की है। यह चेतावनी बताती है कि अत्यधिक गर्मी स्वस्थ लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार इंग्लैंड और वेल्स में तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इससे वर्ष 1976 का जून माह का तापमान रिकॉर्ड भी टूटने की संभावना जताई जा रही है। वैज्ञानिकों ने इसके पीछे “हीट डोम” को जिम्मेदार बताया है जो पश्चिमी यूरोप के ऊपर गर्म हवा को फंसा देता है और तापमान को लगातार बढ़ाता रहता है।

स्पेन में भी हालात असामान्य बने हुए हैं। आमतौर पर अपेक्षाकृत ठंडा माना जाने वाला सान सेबेस्टियन क्षेत्र भी 40 डिग्री सेल्सियस तापमान झेल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। वहीं उत्तरी क्षेत्रों में यह अंतर 10 डिग्री से भी ज्यादा हो सकता है।

इटली ने 12 शहरों में रेड हीट अलर्ट जारी किया है जबकि दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में एक परमाणु संयंत्र को नदी के पानी के अत्यधिक गर्म होने के कारण अपना एक रिएक्टर बंद करना पड़ा। जर्मनी में सप्ताहांत के दौरान गर्मी से जुड़े हादसों में पांच लोगों की मौत हुई है। फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर भी यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा जहां विमान लंबे समय तक रनवे पर खड़े रहने के कारण लोग गर्मी से बेहाल हो गए।

बेल्जियम के मौसम विभाग ने भी चेतावनी दी है कि यह हीटवेव एक सप्ताह तक जारी रह सकती है और तापमान नए रिकॉर्ड बना सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में यूरोप के कई देशों में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव और बढ़ सकता है। बढ़ती गर्मी ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौती को दुनिया के सामने ला खड़ा किया है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *