इतिहास के पन्नों में 22 जून: सुभाष बोस का बड़ा फैसला, अमरीश पुरी का जन्म और कई ऐतिहासिक घटनाएं
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में 22 जून 1897 का दिन विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इसी दिन क्रांतिकारी चाफेकर बंधुओं दामोदर और बालकृष्ण चाफेकर ने पुणे में ब्रिटिश प्लेग कमिश्नर डब्ल्यू.सी. रैंड पर हमला कर अंग्रेजी शासन के खिलाफ सशस्त्र प्रतिरोध का संदेश दिया था। इस घटना ने स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारी विचारधारा को नई ऊर्जा प्रदान की।
22 जून 1940 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कांग्रेस नेतृत्व से वैचारिक मतभेदों के बाद फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना की थी। इस संगठन का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन को अधिक आक्रामक और जनकेंद्रित दिशा देना था। नेताजी का यह कदम भारतीय राजनीति और स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है।
भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता अमरीश पुरी का जन्म भी 22 जून 1932 को हुआ था। अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली व्यक्तित्व और यादगार अभिनय के दम पर उन्होंने हिंदी सिनेमा में अमिट पहचान बनाई। मिस्टर इंडिया फिल्म में निभाया गया उनका ‘मोगैम्बो’ का किरदार आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय खलनायकों में गिना जाता है। इसी दिन प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अनुभव सिन्हा का जन्म भी हुआ था, जिन्होंने सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कई चर्चित फिल्में बनाई हैं।
22 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसके तीन दिन बाद 25 जून की रात तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल की औपचारिक घोषणा की थी। यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और बहुचर्चित अध्याय माना जाता है।
विज्ञान और खगोल विज्ञान के क्षेत्र में भी यह दिन खास रहा है। वर्ष 2009 में 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्यग्रहण भारत में दिखाई दिया था। देशभर में लाखों लोगों ने इस दुर्लभ खगोलीय घटना को देखा और वैज्ञानिकों ने भी इसका अध्ययन किया। इसी वर्ष डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच ईस्टमैन कोडक ने अपनी प्रसिद्ध कोडाक्रोम फिल्म की बिक्री बंद करने की घोषणा की थी, जिसने फोटोग्राफी के एक युग के अंत का संकेत दिया।
विश्व इतिहास में 22 जून 1941 को नाजी जर्मनी ने सोवियत संघ पर हमला करते हुए ऑपरेशन बारबरोसा की शुरुआत की थी। यह द्वितीय विश्व युद्ध की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाइयों में से एक मानी जाती है। वहीं वर्ष 1986 में फीफा विश्व कप के दौरान अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना ने इंग्लैंड के खिलाफ ‘हैंड ऑफ गॉड’ और ‘गोल ऑफ द सेंचुरी’ जैसे ऐतिहासिक गोल कर खेल इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया।
इस प्रकार 22 जून केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं बल्कि अनेक ऐतिहासिक घटनाओं, महान व्यक्तित्वों और यादगार उपलब्धियों का प्रतीक है। यह दिन हमें इतिहास के उन महत्वपूर्ण पड़ावों की याद दिलाता है जिन्होंने समाज, राजनीति, खेल और संस्कृति की दिशा बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
