June 22, 2026

फादर्स डे पर ब्रिटेन, यूएई, केन्या और जिम्बाब्वे के नेताओं ने पिता के महत्व पर साझा किए भावनात्मक संदेश

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नई दिल्ली । फादर्स डे के अवसर पर दुनिया भर के नेताओं ने अपने-अपने तरीके से पिता के महत्व को याद किया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस खास मौके पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि पिता बनना उनके जीवन की सबसे बड़ी खुशी है और वह आज अपने पिता को याद कर रहे हैं, जिनकी वजह से वह आज अपने बच्चों के पिता हैं। उनका संदेश सरल लेकिन भावनात्मक था, जिसमें उन्होंने पारिवारिक रिश्तों और पिता की भूमिका को जीवन की नींव बताया।

इसी तरह संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने पिता को परिवार की स्थिरता और खुशी का आधार बताया। उन्होंने अपने संदेश में देश के संस्थापक शेख जायद को याद करते हुए उन्हें एक आदर्श पिता और नेता के रूप में श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने अपने जीवन में दया, समझदारी और नेतृत्व के मूल्यों को स्थापित किया।

यूएई के उप प्रधानमंत्री हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने भी पिता के योगदान को प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि सच्ची सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं बल्कि इस बात से मापी जाती है कि हम दूसरों पर क्या प्रभाव छोड़ते हैं और देश की सेवा को सम्मान कैसे मानते हैं। उनके अनुसार पिता न केवल मार्गदर्शक होते हैं बल्कि जीवन के मूल्यों को आकार देने वाले शिक्षक भी होते हैं।

यूएई के उपराष्ट्रपति शेख मंसूर बिन जायद अल नाहयान ने भी अपने संदेश में पिता को ज्ञान, उदारता और मानवता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि एक पिता परिवार की नींव होता है और उसकी सीख आने वाली पीढ़ियों को दिशा देती है।

अफ्रीकी देशों में भी फादर्स डे पर भावनात्मक संदेश देखने को मिले। केन्या की फर्स्ट लेडी राहेल चेबेट रूटो ने राष्ट्रपति विलियम रूटो को देश के पिता के रूप में सम्मान देते हुए उनके समर्पण और सेवा भावना की सराहना की। वहीं जिम्बाब्वे के नेता नेल्सन चामिसा ने कहा कि एक देश को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार और दूरदर्शी नेतृत्व की आवश्यकता होती है, जिसे उन्होंने पिता के रूप में प्रतीकात्मक रूप से व्यक्त किया।

इन सभी संदेशों से स्पष्ट है कि पिता केवल एक पारिवारिक भूमिका नहीं बल्कि समाज, नेतृत्व और मूल्यों के निर्माण का आधार माने जाते हैं। फादर्स डे ने एक बार फिर इस बात को दुनिया के सामने रखा कि पिता का योगदान केवल परिवार तक सीमित नहीं होता बल्कि वह समाज और राष्ट्र के भविष्य को भी आकार देता है।

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