June 22, 2026

भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा, INS दूनागिरी और INS अग्रय से बढ़ी मारक क्षमता

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नई दिल्ली । भारतीय नौसेना की ताकत को एक नई दिशा देने के लिए दो अत्याधुनिक युद्धपोतों को औपचारिक रूप से बेड़े में शामिल किया गया है। इनमें स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS Dunagiri और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट INS Agray शामिल हैं। इन दोनों प्लेटफॉर्म्स के शामिल होने से भारतीय नौसेना की सतह, वायु और जल के भीतर युद्ध क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति को देखते हुए भारतीय नौसेना लगातार स्वदेशी तकनीक पर आधारित युद्धपोतों को शामिल कर रही है। आज के दौर में छोटे और सस्ते ड्रोन भी बड़े सैन्य प्लेटफॉर्म्स को चुनौती दे सकते हैं, ऐसे में उन्नत स्टेल्थ तकनीक और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

INS Dunagiri प्रोजेक्ट 17ए के तहत विकसित एक अत्याधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट है, जो दुश्मन के रडार से बचकर लंबी दूरी तक सटीक हमला करने में सक्षम है। इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, बराक-8 एयर डिफेंस सिस्टम, आधुनिक सोनार, मल्टी-फंक्शन रडार और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम जैसी अत्याधुनिक तकनीकें शामिल हैं। यह युद्धपोत सतह, हवा और पानी के भीतर मौजूद सभी प्रकार के खतरों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम है।

इस युद्धपोत की सबसे बड़ी विशेषता इसका कम रडार क्रॉस-सेक्शन है, जिससे इसे दुश्मन के लिए ट्रैक करना बेहद कठिन हो जाता है। इसके सेंसर और हथियार प्रणालियां रियल टाइम डेटा के आधार पर तेजी से निर्णय लेने में सक्षम हैं, जिससे प्रतिक्रिया समय काफी कम हो जाता है।

दूसरी ओर, INS Agray विशेष रूप से समुद्र की सतह के नीचे छिपे खतरों, यानी पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसे “गांडीव” जैसे प्रतीकात्मक नाम से जोड़कर इसकी सटीक मारक क्षमता को दर्शाया गया है। यह जहाज स्वदेशी सोनार सिस्टम, हल्के टॉरपीडो, एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर और एडवांस डिकॉय सिस्टम से लैस है।

यह छोटा आकार होने के बावजूद बेहद घातक प्लेटफॉर्म माना जा रहा है, जो तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों पर सटीक निगरानी और हमला करने में सक्षम है। इसकी गति लगभग 25 नॉट तक है और यह हजारों किलोमीटर तक ऑपरेशन कर सकता है।

दोनों युद्धपोतों में लगभग 75 प्रतिशत तक स्वदेशी उपकरणों का उपयोग किया गया है, जो भारत की आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इन प्लेटफॉर्म्स का डिजाइन नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा तैयार किया गया है।

कुल मिलाकर, INS Dunagiri और INS Agray का शामिल होना भारतीय नौसेना की समुद्री शक्ति को नई ऊंचाई देता है और भारत की रणनीतिक रक्षा क्षमता को और अधिक मजबूत बनाता है।

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