डिजिटल इंडिया से ग्लोबल लीडरशिप तक , पीएम मोदी ने पेरिस में गिनाईं उपलब्धियां कहा आकांक्षाओं का नया भारत भविष्य की दिशा तय कर रहा है
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है और देश ने विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत का सकल घरेलू उत्पाद दोगुना हुआ है जबकि निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में भी भारत ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है और आज देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माण केंद्र बनकर उभरा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का विकास केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की भी एक बड़ी कहानी है। उन्होंने बताया कि देश में एयरपोर्ट की संख्या दोगुनी हुई है और विश्वविद्यालयों की संख्या में भी बड़ा विस्तार हुआ है। हाईवे निर्माण की गति पहले की तुलना में कई गुना बढ़ी है जबकि मेट्रो नेटवर्क ने रिकॉर्ड स्तर पर विस्तार किया है। इन प्रयासों ने देश में कनेक्टिविटी को मजबूत किया है और विकास को नई रफ्तार दी है।
डिजिटल इंडिया अभियान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने डिजिटल तकनीक को जनसामान्य तक पहुंचाने में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने बताया कि देश में करोड़ों नागरिकों को यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी उपलब्ध कराई गई है जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा रहा है। मेडिकल रिकॉर्ड अब सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध हैं जिससे मरीजों और स्वास्थ्य संस्थानों दोनों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक यह कल्पना करना भी कठिन था कि देश के दूरदराज गांवों तक हाई स्पीड इंटरनेट पहुंच जाएगा लेकिन आज यह वास्तविकता बन चुकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत की आकांक्षाओं का नया दौर है जहां लोगों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। अब लोग केवल मूलभूत सुविधाओं से संतुष्ट नहीं हैं बल्कि बेहतर जीवन स्तर और विश्वस्तरीय सुविधाओं की अपेक्षा रखते हैं। जहां बिजली पहुंची है वहां लोग स्मार्ट जीवनशैली चाहते हैं। जहां रेल पहुंची है वहां हाई स्पीड कनेक्टिविटी की मांग है और जहां इंटरनेट पहुंचा है वहां लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा डिजिटल नवाचार में नेतृत्व की आकांक्षा रखते हैं। उन्होंने कहा कि आज का भारत अपने नागरिकों के सपनों को साकार करने के साथ साथ भविष्य का मजबूत इकोसिस्टम भी तैयार कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में देशों के बीच संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। दुनिया के देश विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला और स्थिर साझेदारी की तलाश में हैं। ऐसे समय में भारत एक भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदार के रूप में उभर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत विकास नवाचार और वैश्विक सहयोग के नए मानक स्थापित करेगा और विश्व मंच पर अपनी भूमिका को और अधिक मजबूत बनाएगा।
