ग्रामीण कनेक्टिविटी को ऐतिहासिक रफ्तार: वित्त वर्ष 2027 में 26,474 किमी नई सड़कों का निर्माण होगा, 18,907 करोड़ रुपए के निवेश से दूरदराज गांवों तक पहुंचेगी विकास की नई राह
ग्रामीण सड़क विकास को लेकर आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और अन्य ग्रामीण संपर्क परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। बैठक में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और निर्माणाधीन परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति के साथ आगामी लक्ष्यों पर चर्चा की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क केवल परिवहन का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास की बुनियाद है।
बैठक के दौरान उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया जो अब तक सड़क नेटवर्क से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। राज्यों को निर्देश दिए गए कि वे शेष असंबद्ध गांवों और बस्तियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए कार्यों में तेजी लाएं। इसके साथ ही परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली प्रशासनिक और तकनीकी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने को कहा गया।
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की बस्तियों तक सड़क पहुंच सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा। अधिकारियों ने कहा कि दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क का विस्तार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया को तेज करने और स्वीकृत परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में चल रही सड़क परियोजनाओं की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में बेहतर सड़क ढांचा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ प्रशासनिक पहुंच और विकास गतिविधियों को गति देने में सहायक होगा। संबंधित राज्यों से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाकर परियोजनाओं को तय समय के भीतर पूरा करने को कहा गया।
बैठक के दौरान राज्यों ने आश्वासन दिया कि लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा और वार्षिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। केंद्र सरकार ने भी परियोजनाओं की नियमित निगरानी और तकनीकी सहायता के माध्यम से राज्यों को सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
ग्रामीण सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता और दीर्घकालिक टिकाऊपन को भी समीक्षा का प्रमुख विषय बनाया गया। अधिकारियों ने कहा कि केवल सड़क निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका बेहतर रखरखाव और गुणवत्ता मानकों का पालन भी उतना ही आवश्यक है। राज्यों को फील्ड निरीक्षण बढ़ाने, निगरानी तंत्र मजबूत करने और निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल निगरानी को बढ़ावा देने के लिए ई-मार्ग प्लेटफॉर्म के व्यापक उपयोग पर भी जोर दिया गया। यह प्रणाली ग्रामीण सड़कों के रखरखाव, प्रदर्शन मूल्यांकन और भुगतान प्रक्रियाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग में मदद करती है। सरकार को उम्मीद है कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा ग्रामीण सड़क विकास कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
