June 18, 2026

आवास योजना में मकान दिलाने का झांसा, युवक से 5.60 लाख की ठगी: खुद को वकील बताने वाले आरोपी पर केस दर्ज

0
untitled-1781691678

मध्य प्रदेश । इंदौर में सरकारी आवास योजना के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आजाद नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने आरोप लगाया है कि खुद को वकील बताने वाले व्यक्ति ने उसकी मां के नाम पर आवास योजना में मकान दिलाने का झांसा देकर 5 लाख 60 हजार रुपए हड़प लिए। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार रामनगर मुसाखेड़ी निवासी कपिल उईके ने नीलगिरी परिसर दूधिया निवासी दीपक शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। कपिल का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान उसकी पहचान दीपक शर्मा से हुई थी। उस समय दीपक ने स्वयं को पेशे से वकील बताया था और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता देने का भरोसा दिलाया था। इसी परिचय का फायदा उठाकर उसने परिवार का विश्वास जीत लिया।

कपिल के मुताबिक जून 2026 में दीपक शर्मा ने उसकी मां अवंतीबाई के नाम पर सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने की बात कही। आरोपी उन्हें जिला न्यायालय परिसर स्थित कैंटीन में ले गया, जहां एक महिला के माध्यम से आवेदन फार्म भरवाया गया। इसके बाद कुछ राशि भी जमा कराई गई। अगले दिन आरोपी ने अवंतीबाई के मोबाइल में 311 ऐप डाउनलोड कर यह विश्वास दिलाया कि आवास योजना से जुड़ी सारी जानकारी और अपडेट इसी माध्यम से प्राप्त होंगे।

कुछ दिनों बाद आरोपी ने दावा किया कि आवंटित होने वाला मकान किसी अन्य व्यक्ति को अधिक कीमत पर बेचा जा सकता है। उसने पूरे सौदे की प्रक्रिया कलेक्टर कार्यालय में पूरी कराने की बात कही। 10 जून को कथित खरीदार पक्ष और पीड़ित परिवार को कलेक्टर कार्यालय बुलाया गया, जहां लगभग 9 लाख 60 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। आरोप है कि खरीदार पक्ष ने उसी समय 5 लाख 60 हजार रुपए नकद दिए, जबकि शेष राशि खाते में जमा कराने की बात कही गई।

पीड़ित परिवार का कहना है कि यहीं से ठगी का खेल शुरू हुआ। आरोपी दीपक शर्मा उसी शाम उनके घर पहुंचा और रकम गिनने के बहाने नकदी अपने कब्जे में ले ली। अगले दिन वह एक महिला के साथ दोबारा घर आया और नगर निगम द्वारा सत्यापन किए जाने की बात कहकर परिवार को भ्रमित करता रहा। बाद में उसने कहा कि अधिकारी आने वाले हैं, इसलिए रकम तैयार रखी जाए।

कपिल के अनुसार आरोपी ने चालाकी से पूरी रकम एक बैग में रखवाई और फिर उसे नाश्ता लेने के बहाने घर से बाहर भेज दिया। इसके बाद वह कपिल को नगर निगम कार्यालय ले गया। वहां बैग लेकर अंदर जाने की बात कहकर वह भवन में प्रवेश कर गया, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। काफी देर इंतजार करने के बाद जब कपिल ने उसे तलाशने की कोशिश की तो उसका कोई पता नहीं चला।

घर लौटकर जांच करने पर परिवार को एहसास हुआ कि पूरी नकदी गायब हो चुकी है। इसके बाद आरोपी को लगातार फोन किए गए, लेकिन उसने कॉल उठाना बंद कर दिया। खुद को ठगा महसूस करने के बाद कपिल ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।

मामले की जांच के बाद आजाद नगर पुलिस ने आरोपी दीपक शर्मा के खिलाफ चोरी और धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि कहीं उसने इसी तरह अन्य लोगों को भी सरकारी योजनाओं का झांसा देकर ठगी का शिकार तो नहीं बनाया। यह मामला एक बार फिर लोगों को सावधान करता है कि सरकारी योजनाओं से जुड़े किसी भी काम के लिए केवल अधिकृत माध्यमों और अधिकारियों पर ही भरोसा करें।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *