June 14, 2026

एक परिंदे की वजह से कठघरिया बिजलीघर में तकनीकी खराबी, भीषण गर्मी के बीच उपभोक्ताओं को झेलना पड़ा दोहरा संकट

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ई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी जिले में एक परिंदे के कारण हजारों घरों की बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। शनिवार सुबह कमलुवागाजा पावर हाउस से कठघरिया बिजलीघर को जोड़ने वाली तैंतीस केवी की मुख्य विद्युत लाइन में एक कौआ अचानक टकरा गया। हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आने से वह लाइन में ही चिपक गया, जिसके कारण ग्रिड में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई और पूरे बिजलीघर की सप्लाई अचानक बंद हो गई। सुबह के समय हुए इस हादसे के कारण क्षेत्र के लगभग बीस हजार उपभोक्ताओं को तीन घंटे से अधिक समय तक बिना बिजली के रहना पड़ा।

विद्युत आपूर्ति अचानक बंद होने के बाद ऊर्जा निगम की तकनीकी टीम ने तत्काल फॉल्ट की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत और बारीकी से जांच करने के बाद कर्मचारियों को लाइन से चिपका हुआ कौआ मिला। विभागीय कर्मियों ने मृत परिंदे को तार से अलग किया और लाइन में आई तकनीकी गड़बड़ी को दुरुस्त किया। सुबह सात बजे प्रभावित हुई इस मुख्य लाइन को पूरी तरह ठीक करके सुबह करीब दस बजे ही सुचारू किया जा सका। ऊर्जा निगम के उपखंड अधिकारी संजय कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पक्षी के चिपकने से व्यवधान आया था, जिसे टीम ने तत्परता से ठीक कर दिया है।

सुबह के पीक ऑवर्स में बिजली गुल होने के कारण क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति करने वाले सरकारी ट्यूबवेल भी पूरी तरह बंद हो गए। इसके चलते स्थानीय निवासियों को पानी और बिजली दोनों का एक साथ सामना करना पड़ा, जिससे रोजमर्रा के काम बुरी तरह प्रभावित हुए। इसके अलावा, हल्द्वानी के गौजाजाली क्षेत्र में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों के दौरान मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से भी पानी का बड़ा संकट खड़ा हो गया। स्थानीय पार्षद रईश अहमद ने स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गर्मियों के मौसम में पहले से ही पानी की किल्लत है और ऐसी लापरवाही से संकट और गहरा रहा है।

क्षेत्र में तीन अन्य बड़े ट्यूबवेल का संचालन ठप रहने की वजह से शनिवार को चौफुला, नवाड़खेड़ा और डहरिया जैसी घनी आबादी वाली कॉलोनियों में स्थिति बेहद विकट रही। नवाड़खेड़ा में जहां पिछले कुछ समय से पानी की आंशिक किल्लत थी, वहीं शिवाशीष कॉलोनी में पिछले तीन दिनों से पानी की बूंद-बूंद के लिए लोग तरस रहे हैं। इस संकट के कारण मजबूरन स्थानीय नागरिकों को निजी और सरकारी टैंकरों पर निर्भर होना पड़ रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रविशंकर लोशाली ने इस संबंध में बताया कि प्रभावित ट्यूबवेलों को तेजी से ठीक करने का काम जारी है और जल्द ही सभी क्षेत्रों में जलापूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।

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