जसपाल राणा के निधन पर राष्ट्र शोकाकुल, राष्ट्रपति मुर्मु से लेकर कई दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
जानकारी के अनुसार, जर्मनी के म्युनिख में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप से भारतीय दल के साथ लौटते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली के साकेत स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 49 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही खेल जगत और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने शोक संदेश में कहा कि जसपाल राणा भारतीय खेलों के ऐसे प्रतीक थे जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी और मार्गदर्शक के रूप में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा तथा उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय शूटिंग में जसपाल राणा का योगदान अमूल्य है। उन्होंने कहा कि युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने उनके निधन को भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने शानदार करियर के दौरान देश को विश्व मंच पर गौरवान्वित किया।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और समर्पण के बल पर भारत को अनेक गौरवपूर्ण क्षण दिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी और कोच दोनों रूपों में उनका योगदान भारतीय खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत को सम्मान दिलाने वाली उनकी उपलब्धियां और युवा खिलाड़ियों के मार्गदर्शन में निभाई गई भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी उन्हें भारतीय निशानेबाजी का गौरव बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जसपाल राणा को देवभूमि उत्तराखंड का गौरव बताते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी उनके निधन को खेल जगत के लिए बड़ी क्षति करार दिया।
राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जसपाल राणा भारतीय खेलों की सबसे बड़ी हस्तियों में से एक थे। उन्होंने न केवल देश का नाम विश्वभर में रोशन किया बल्कि नई पीढ़ी के निशानेबाजों को भी तैयार किया। कांग्रेस सांसद और बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि भारतीय निशानेबाजी के स्वर्णिम अध्यायों में जसपाल राणा का नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा।
जसपाल राणा ने अपने करियर में अनेक अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर भारत को गौरवान्वित किया था। बाद में कोच के रूप में उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से भारतीय खेल जगत ने एक ऐसे मार्गदर्शक को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
