MP: इंदौर में गंभीर नदी को पुनर्जीवित करने की तैयारी, 10 हजार ट्रेंच के साथ होगा महा-वृक्षारोपण
इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर संभाग (Indore Division) के महू क्षेत्र (Mhow region) में गंभीर नदी (Gambhir River) को नया जीवन देने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नदी के जलागम क्षेत्र को सुरक्षित करने और भू-जल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से भमती और रिछा पहाड़ियों के सीमांकन का कार्य आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। इस अभियान को गति देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का जमीनी निरीक्षण किया।
पहाड़ियों का सीमांकन और विस्तृत कार्ययोजना पर मंथन
निरीक्षण दल में शामिल अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महू राकेश परमार, जनपद पंचायत डॉ. अंबेडकर नगर महू के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गिरीराज दुबे और तहसीलदार महू विवेक सोनी ने भमती एवं रिछा पहाड़ी क्षेत्र का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने गंभीर नदी के जलागम क्षेत्र में मिट्टी और जल संरक्षण के लिए बनाई गई प्रस्तावित कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। योजना के तहत इस पहाड़ी क्षेत्र में लगभग 10 हजार सतत कंटूर ट्रेंच (सीसीटी) का निर्माण किया जाना तय हुआ है।
जल संवर्धन और वृक्षारोपण से बदलेगी तस्वीर
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सतत कंटूर ट्रेंच के निर्माण के साथ-साथ इस पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान भी चलाया जाएगा। इस दोहरी रणनीति से वर्षा के जल को बहने से रोका जा सकेगा और वह अधिकतम मात्रा में जमीन के भीतर समाहित होगा। इस प्रक्रिया से न केवल क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, बल्कि मिट्टी के कटाव पर भी प्रभावी रोक लगेगी। यह पूरा प्रयास गंभीर नदी के प्राकृतिक जल प्रवाह को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री के संकल्प को धरातल पर उतारने का प्रयास
यह पूरा अभियान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) के जल संरक्षण संबंधी संकल्पों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भमती और रिछा पहाड़ियां गंभीर नदी के लिए मुख्य जल स्रोत (जलागम क्षेत्र) का कार्य करती हैं, इसलिए यहां किए जा रहे संरक्षण कार्य नदी के पुनर्जीवन में सबसे निर्णायक और महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जनभागीदारी से अभियान को सफल बनाने की अपील
जनपद पंचायत डॉ. अंबेडकर नगर महू ने इस महत्वाकांक्षी अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया है। प्रशासन की ओर से स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस कार्य में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की गई है। सरकार का मुख्य लक्ष्य आम जनता के सहयोग से गंभीर नदी को एक बार फिर से अविरल, निर्मल और जीवनदायिनी बनाना है।
