June 12, 2026

दीपिका पादुकोण की तारीफ में बोलीं कंगना रनौत: ‘बॉलीवुड में बढ़ रही है नेगेटिविटी और इनसिक्योरिटी’

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नई दिल्ली। बॉलीवुड में अपने बेबाक बयानों के लिए पहचानी जाने वाली अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत एक बार फिर चर्चा में हैं। हालांकि इस बार उन्होंने किसी विवादित मुद्दे पर टिप्पणी नहीं की, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ती असुरक्षा, जलन और कलाकारों के बीच कम होते भाईचारे को लेकर अपनी राय साझा की है। खास बात यह रही कि बातचीत के दौरान कंगना ने अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की खुलकर तारीफ की और बताया कि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में उनसे कई सकारात्मक बातें सीखीं।

एक इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि उन्हें अक्सर यह देखकर आश्चर्य होता है कि कई लोग कितनी असुरक्षा की भावना के साथ जीवन जीते हैं। उनके अनुसार किसी व्यक्ति के पास क्या है और क्या नहीं है, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण उसकी मानसिकता होती है। उन्होंने कहा कि इंसान के भीतर जलन, असुरक्षा या दूसरों से खुद की तुलना करने जैसी भावनाएं होना सामान्य बात है, लेकिन इन भावनाओं को अपने ऊपर हावी होने देना या उन पर नियंत्रण रखना व्यक्ति की अपनी पसंद होती है।

कंगना का मानना है कि नकारात्मक भावनाएं किसी भी व्यक्ति की प्रतिभा, आकर्षण और निर्णय क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई ऐसे लोगों को देखा है जो बेहद प्रतिभाशाली, आकर्षक और सफल हैं, लेकिन असुरक्षा की भावना उन्हें भीतर से कमजोर बना देती है। यही कारण है कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में ही यह तय कर लिया था कि वे ऐसी भावनाओं को अपने व्यक्तित्व पर हावी नहीं होने देंगी।

अभिनेत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति उनसे कम अनुभवी या कम प्रतिभाशाली है तो वे उसकी मदद करने और उसे आगे बढ़ाने की कोशिश करती हैं। वहीं यदि कोई उनसे अधिक प्रतिभाशाली है तो वे उससे सीखने में विश्वास रखती हैं। उनके अनुसार सीखने और आगे बढ़ने की यह प्रक्रिया ही व्यक्ति को बेहतर बनाती है, जबकि असुरक्षा केवल विकास की राह में बाधा बनती है।

बातचीत के दौरान कंगना ने अपने शुरुआती संघर्षों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि जब वे बहुत कम उम्र में अपने घर से निकलकर फिल्म इंडस्ट्री में आई थीं, तब उन्हें इस दुनिया के बारे में बहुत कम जानकारी थी। गांव से आने और सीमित अनुभव होने के कारण कई चीजें उनके लिए चुनौतीपूर्ण थीं। ऐसे समय में उन्होंने अपने आसपास के लोगों को देखकर और उनसे सीखकर खुद को विकसित किया।

इसी संदर्भ में उन्होंने दीपिका पादुकोण का उदाहरण दिया। कंगना ने कहा कि दीपिका का खेलों से जुड़ा बैकग्राउंड रहा है और उन्होंने हमेशा उनकी फिटनेस, अनुशासन और समर्पण की भावना को करीब से देखा। उन्होंने बताया कि एक विज्ञान पृष्ठभूमि से आने वाली लड़की होने के बावजूद उन्होंने अपने समकालीन कलाकारों से बहुत कुछ सीखा और दीपिका उनमें से एक हैं। कंगना के अनुसार किसी व्यक्ति की अच्छी बातों को स्वीकार करना और उसकी प्रशंसा करना सीखने की पहली सीढ़ी है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई किसी की खूबसूरती, प्रतिभा या विशेष गुणों को स्वीकार ही नहीं करेगा, तो उनसे सीखने का अवसर भी खो देगा। कंगना का मानना है कि प्रशंसा करने से व्यक्ति छोटा नहीं होता, बल्कि उसका दृष्टिकोण व्यापक होता है।

अंत में कंगना ने वर्तमान पीढ़ी के कलाकारों के बीच बढ़ती दूरी पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि पहले के दशकों में कलाकारों के बीच दोस्ती और अपनापन अधिक दिखाई देता था, जबकि आज बातचीत और आपसी सराहना का माहौल कम होता जा रहा है। विशेष रूप से उन्होंने कहा कि आजकल लोग एक-दूसरे की खुलकर तारीफ करने से भी बचते हैं, जबकि सकारात्मकता और सहयोग किसी भी रचनात्मक क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है।

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