June 12, 2026

छावनी सड़क चौड़ीकरण विवाद में नया मोड़: विरोधी पोस्टरों के बाद अब आभार संदेशों से सजे इलाके के रास्ते

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मध्‍य प्रदेश । इंदौर के छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर पिछले कई सप्ताह से जारी विवाद के बीच अब एक नया घटनाक्रम सामने आया है। कुछ दिन पहले तक जहां क्षेत्र में प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में लगाए गए पोस्टर चर्चा का केंद्र बने हुए थे, वहीं अब उन्हीं इलाकों में मुख्यमंत्री, मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करने वाले पोस्टर लगाए गए हैं। इस बदलाव ने क्षेत्रीय राजनीति और स्थानीय जनभावनाओं को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

नगर निगम द्वारा मास्टर प्लान के तहत छावनी और जिंसी क्षेत्र की सड़कों को 60 फीट चौड़ा करने की कार्रवाई शुरू की गई थी। इस दौरान कई मकानों और दुकानों के हिस्सों को हटाया गया। कार्रवाई के बाद प्रभावित रहवासियों और व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाए थे कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया तथा कुछ स्थानों पर निर्धारित सीमा से अधिक हिस्से तोड़े गए। इन आरोपों के चलते क्षेत्र में विरोध का माहौल बन गया था।

कार्रवाई के बाद कई मकानों और दुकानों के बाहर विरोध स्वरूप पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों में प्रशासनिक कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त करते हुए संदेश लिखे गए थे। कुछ पोस्टरों में भविष्य में इसी तरह की कार्रवाई अन्य क्षेत्रों में होने की आशंका जताते हुए चेतावनी जैसे संदेश भी दिए गए थे। इन पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रही थीं।

अब उसी क्षेत्र में नए पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक गोलू शुक्ला और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। पोस्टरों में मधुमिलन चौराहे से छावनी तक सड़क को 60 फीट चौड़ा किए जाने को व्यापारियों और रहवासियों के हित में बताया गया है। जानकारी के अनुसार ये पोस्टर भाजपा कार्यकर्ता पलक जैन की ओर से लगाए गए हैं।

सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान एक हादसा भी चर्चा में रहा था। 22 मई को निगम की कार्रवाई के बीच बिजली का एक पोल गिर गया था, जिससे एक डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार घायल डॉक्टर की सर्जरी भी करनी पड़ी थी। इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा उपायों को लेकर भी सवाल उठे थे।

इसके अलावा कुछ रहवासियों ने आरोप लगाया था कि कार्रवाई से पहले मकानों पर लगाए गए निशानों में बदलाव किया गया, जिसके कारण कुछ भवनों को अपेक्षा से अधिक नुकसान पहुंचा। वहीं निगम कर्मचारियों पर बदसलूकी और दबाव बनाने जैसे आरोप भी लगाए गए थे। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से अलग-अलग स्तर पर स्पष्टीकरण दिए जाने की बात सामने आई थी।

सड़क चौड़ीकरण के विरोध में जनहित पार्टी ने क्षेत्र में ‘न्याय रैली’ भी निकाली थी। पार्टी ने आरोप लगाया था कि प्रभावित लोगों को पर्याप्त समय और उचित राहत नहीं दी गई। दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने भी प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए थे तथा राहत और मुआवजे की मांग की थी।

फिलहाल छावनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। नए पोस्टरों के सामने आने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है और स्थानीय स्तर पर इसकी राजनीतिक एवं सामाजिक गूंज लगातार बनी हुई है।

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