फोन पर ऑर्डर, घर तक डिलीवरी: देवास में अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क का खुलासा, 79 हजार की शराब जब्त
जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर के जयप्रकाश नगर क्षेत्र में एक मकान से अवैध शराब का कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने संबंधित स्थान पर दबिश दी। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई, जिसके बाद मौके पर मौजूद अमित राठौर नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से मोबाइल फोन के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। ग्राहकों से ऑर्डर प्राप्त होने के बाद शराब को तय स्थानों पर पहुंचाया जाता था। अधिकारियों के अनुसार यह गतिविधि एक संगठित डिलीवरी व्यवस्था की तरह संचालित की जा रही थी। हालांकि पूरे नेटवर्क की वास्तविक संरचना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
आबकारी विभाग का कहना है कि आरोपी के कब्जे से बरामद शराब को जब्त कर लिया गया है और उसके स्रोत की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब कहां से लाई जा रही थी और इसकी आपूर्ति किन क्षेत्रों तक की जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक अवैध शराब का कारोबार केवल बिक्री तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके पीछे अक्सर एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय रहता है, इसलिए मामले की गहन जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों ने आरोपी के मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया है। पुलिस अब कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। इसके अलावा आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उसके संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड से इस अवैध कारोबार के दायरे और अवधि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
आबकारी और पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध कारोबार को किसी भी स्थिति में पनपने नहीं दिया जाएगा।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही नेटवर्क के आकार और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
