June 7, 2026

पाकिस्तान में आटे का बड़ा संकट, 92% सरकारी खरीद फेल, कीमतें बढ़ीं, रोटी पर मंडराया खतरा

0
untitled-1780820867
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में गेहूं की गंभीर कमी ने खाद्य संकट की स्थिति पैदा कर दी है। कृषि और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमजोरियों के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने खुले बाजार में गेहूं की बढ़ती कीमतों पर गहरी चिंता जताई है और इसे प्रशासनिक विफलता से जुड़ा मामला बताया है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 4 जून तक खाद्य विभाग ने 10 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले केवल 79,835.66 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है, जो लक्ष्य का 8 प्रतिशत से भी कम है। सरकार द्वारा तय किए गए समर्थन मूल्य (PKR 3,500 प्रति 40 किलो) बाजार दर से काफी कम होने के कारण किसानों ने सरकारी एजेंसियों को गेहूं बेचने के बजाय निजी खरीदारों को प्राथमिकता दी।

इस स्थिति का सीधा असर आम जनता पर पड़ा है। खुले बाजार में गेहूं की कीमतों में लगभग 25 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। कराची में गेहूं का भाव PKR 11,100 प्रति 100 किलोग्राम तक पहुंच गया है, जबकि हैदराबाद में यह PKR 10,900 प्रति 100 किलोग्राम तक दर्ज किया गया है।

इसके चलते आटे की खुदरा कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं और यह PKR 135 से PKR 140 प्रति किलो के बीच पहुंच गई हैं, जो सरकारी सब्सिडी दर PKR 107 प्रति किलो से काफी अधिक है। इसका सबसे ज्यादा असर निम्न और मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है।

स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने सीएम हाउस में उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जमाखोरी और सट्टेबाजी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने खाद्य विभाग और संबंधित एजेंसियों को बाजार पर सख्त नियंत्रण रखने और कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी रोकने के निर्देश दिए। साथ ही नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया।

उन्होंने कहा कि गेहूं केवल एक वस्तु नहीं बल्कि जनता के जीवन और सामाजिक स्थिरता की बुनियाद है, इसलिए इसके साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी। हालांकि, स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार सरकार के प्रयासों के बावजूद जमीनी हालात में सुधार नहीं दिख रहा है। जमाखोरी और सप्लाई चेन की समस्याएं बनी हुई हैं, जिससे सिंध प्रांत एक गंभीर खाद्य संकट की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *