'जय भीम' के उद्घोष के साथ अमेरिका से भारत के लिए हुए रवाना, दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की तैयारी
अभिजीत दीपके ने भारत यात्रा पर निकलने से पहले सोशल मीडिया पर एक भावुक और वैचारिक संदेश साझा किया। उन्होंने अपने पोस्ट में ‘जय भीम’ के नारे का उल्लेख करते हुए लिखा कि वह भारत के लिए प्रस्थान कर चुके हैं और अब अपना भाग्य पूरी तरह से देश के संविधान के हाथों में सौंपते हैं। इस डिजिटल घोषणा के बाद उनके समर्थकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है, हालांकि सुरक्षा कारणों से उनकी फ्लाइट और लैंडिंग के समय को पूरी तरह गुप्त रखा गया है।
इस पूरे विरोध प्रदर्शन की सबसे बड़ी प्रशासनिक अड़चन यह है कि संगठन ने दिल्ली पुलिस से इस प्रदर्शन के लिए अब तक कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली है। रणनीतिक रूप से अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद वह सीधे जंतर-मंतर जाने के बजाय पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने का रुख करेंगे। वहां पहुंचकर वह प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की लिखित अनुमति मांगेंगे।
अभिजीत दीपके और उनके संगठन का दावा है कि इस प्रदर्शन में देश भर से भारी संख्या में युवा और छात्र शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं। एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने किसी सटीक आंकड़े की पुष्टि तो नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल होंगे। उन्होंने अपनी बात को मजबूती देने के लिए संगठन की वेबसाइट का हवाला देते हुए कहा कि उनकी इस वर्चुअल पार्टी से 11 लाख से अधिक पंजीकृत सदस्य जुड़ चुके हैं, जिन्होंने दिल्ली पहुंचने की प्रतिबद्धता जताई है।
इस अचानक उपजे विरोध प्रदर्शन का मुख्य एजेंडा देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में उपजी विसंगतियां हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के पदाधिकारियों का कहना है कि वे नीट परीक्षा में हुए कथित पेपर लीक मामले और सीबीएसई के परीक्षा परिणामों में सामने आईं गड़बड़ियों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं। संगठन की मांग है कि इन गंभीर प्रशासनिक विफलताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
दिलचस्प बात यह है कि इस आंदोलन की पृष्ठभूमि पूरी तरह से डिजिटल और तात्कालिक है। देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक कथित टिप्पणी के बाद, जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं के संदर्भ में एक तुलनात्मक टिप्पणी की थी, इंटरनेट पर विरोध स्वरूप ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नामक एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया हैंडल बनाया गया था। महज चार दिनों के भीतर इस डिजिटल हैंडल के फॉलोअर्स की संख्या देश की स्थापित बड़ी राजनीतिक पार्टियों से भी आगे निकल गई, जिसने अब एक वास्तविक आंदोलन का रूप ले लिया है।
