सागर में ईद-उल-अजहा पर उमड़ा जनसैलाब: ईदगाह में जगह कम पड़ी, सड़कों पर अदा हुई नमाज
मोतीनगर चौराहे के पास लेहदरा नाका स्थित ईदगाह मैदान में सुबह से हजारों की संख्या में लोग पहुंचने लगे थे। भीड़ इतनी ज्यादा रही कि ईदगाह परिसर में जगह कम पड़ गई। इसके बाद बड़ी संख्या में नमाजियों ने भोपाल रोड पर बैठकर नमाज अदा की। सड़क पर एक साथ हजारों लोगों के सजदे में झुकने का दृश्य बेहद भावुक और आकर्षक नजर आया। नमाज के दौरान पूरा इलाका अल्लाहु अकबर की सदाओं से गूंज उठा।
कटरा बाजार स्थित जामा मस्जिद सहित शहर की अन्य मस्जिदों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की। मस्जिदों के अंदर जगह भरने के बाद लोग बाहर सड़कों और गलियों में कतारबद्ध होकर नमाज पढ़ते नजर आए। नमाज के बाद बच्चों और युवाओं में खास उत्साह दिखाई दिया। लोग एक-दूसरे से हाथ मिलाकर और गले लगकर ईद की शुभकामनाएं देते रहे।
त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। शहर के संवेदनशील इलाकों, ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति न बने।
ईद-उल-अजहा को इस्लाम धर्म में कुर्बानी और त्याग के पर्व के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहिम अपने पुत्र हजरत इस्माइल को अल्लाह के हुक्म पर कुर्बान करने जा रहे थे, लेकिन अल्लाह ने उनकी आस्था और समर्पण से प्रसन्न होकर हजरत इस्माइल को जीवनदान दे दिया। इसी घटना की याद में हर साल बकरीद मनाई जाती है।
सागर में इस बार भी ईद का त्योहार भाईचारे, आपसी सौहार्द और शांति का संदेश देकर गया। नमाज के दौरान लोगों ने देश की तरक्की, समाज में प्रेम और आपसी एकता बनाए रखने की दुआ की।
