रणवीर सिंह के डॉन-3 से बाहर होने पर बढ़ा विवाद, FWICE ने स्पष्ट किया- यह बैन नहीं बल्कि असहयोग नोटिस
संस्था के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने बयान जारी करते हुए कहा कि FWICE कोई न्यायिक संस्था नहीं है और न ही यह किसी कलाकार पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार रखती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन की ओर से केवल असहयोग नोटिस जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि मौजूदा परिस्थितियों में सदस्यों को संबंधित अभिनेता के साथ काम करने से फिलहाल परहेज करने की सलाह दी गई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई स्थायी फैसला नहीं है और परिस्थितियों के अनुसार इसमें बदलाव संभव है।
यह विवाद उस समय सामने आया जब रणवीर सिंह के डॉन-3 से अचानक अलग होने की खबरें सामने आईं। बताया जा रहा है कि फिल्म से जुड़े कई प्री-प्रोडक्शन कार्य पूरे हो चुके थे और बड़े स्तर पर शूटिंग की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। ऐसे में अभिनेता के प्रोजेक्ट छोड़ने के फैसले ने निर्माताओं और पूरी टीम को असमंजस की स्थिति में डाल दिया। इस बदलाव के कारण आर्थिक और प्रोडक्शन स्तर पर असर पड़ने की बात भी सामने आई है, जिससे इंडस्ट्री में चिंता बढ़ गई है।
FWICE ने अपने बयान में यह भी कहा कि इस तरह की परिस्थितियां फिल्म निर्माण प्रक्रिया के लिए गंभीर चुनौती पैदा करती हैं। बड़े बजट की फिल्मों में जब प्रमुख कलाकार अचानक किसी प्रोजेक्ट से हटते हैं तो इसका असर केवल फिल्म तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे कई विभागों की योजनाएं प्रभावित होती हैं। संस्था ने इसे उद्योग के लिए संवेदनशील मुद्दा बताया है और संतुलित समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।
संस्था ने यह भी दावा किया कि इस मामले को लेकर रणवीर सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली। वहीं दूसरी ओर अभिनेता की टीम ने इस मुद्दे को FWICE के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया है। इसके बावजूद संगठन का कहना है कि बातचीत के रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं और आपसी समझौते की संभावना बनी हुई है।
बॉलीवुड में अनुबंध और पेशेवर प्रतिबद्धता को हमेशा महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि बड़े प्रोजेक्ट्स में कई स्तरों पर निवेश और तैयारी शामिल होती है। ऐसे में किसी भी बड़े बदलाव का असर पूरी टीम पर पड़ता है। यही कारण है कि यह मामला केवल एक फिल्म से जुड़ा विवाद न रहकर इंडस्ट्री स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले समय में यह विवाद सुलझता है या और आगे बढ़ता है।
