अहमदाबाद प्लेन क्रैश साइट पर बनेगा नया हॉस्टल, पीड़ित परिवारों ने सरकार से की स्मारक बनाने की मांग
मेघानीनगर इलाके में स्थित ‘अतुल्यम हॉस्टल’ भवन में विमान गिरने के बाद वहां भारी नुकसान हुआ था। इसी स्थान पर अब डॉक्टरों और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस 8+8 मंजिला नया छात्रावास बनाने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना के लिए टाटा एयरलाइंस की ओर से 53 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
राज्य सरकार ने बताया कि असारवा स्थित सिविल अस्पताल के नए मेडिकल कैंपस में करीब 105 करोड़ रुपये की लागत से सुपर स्पेशलिटी हॉस्टल और कैंटीन ब्लॉक का निर्माण कराया जाएगा। स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया के अनुसार विमान हादसे में क्षतिग्रस्त ‘अतुल्यम 1 से 4’ ब्लॉक, कैंटीन और सब-स्टेशन भवन के नुकसान की भरपाई के तौर पर स्वास्थ्य विभाग को 53.12 करोड़ रुपये की राशि मिलेगी।
दुर्घटना के समय हॉस्टल में 92 छात्र मौजूद थे। हादसे के बाद कराए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट में भवन को असुरक्षित पाया गया, जिसके बाद उसे गिराने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने छात्रों की आवासीय सुविधाओं को प्रभावित न होने देने के उद्देश्य से नए हॉस्टल निर्माण का निर्णय लिया है।
नया हॉस्टल मेघानीनगर स्थित आईजीपी परिसर में बनाया जाएगा। आने वाले तीन वर्षों में 48 अतिरिक्त सुपर स्पेशलिटी सीटों को ध्यान में रखते हुए कुल 236 डॉक्टरों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। परियोजना के लिए सरकार ने पर्याप्त भूमि भी आवंटित कर दी है।
वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस परियोजना के लिए 34.65 करोड़ रुपये का प्रावधान स्वीकृत किया गया है। प्रस्तावित ‘अतुल्यम 1 से 7’ पीजी हॉस्टल आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार होगा। प्रत्येक यूनिट को स्टूडियो अपार्टमेंट शैली में विकसित किया जाएगा, जिसमें सिटिंग एरिया, अटैच किचन, बेडरूम और शौचालय की व्यवस्था होगी। इसके अलावा भवन में फायर सेफ्टी सिस्टम, आरओ प्लांट, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, बेसमेंट पार्किंग, आधुनिक मेस, जिम और मनोरंजन कक्ष जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
हालांकि इस योजना के सामने आने के बाद हादसे में प्रभावित परिवारों ने सरकार को ईमेल भेजकर निर्माण कार्य रोकने की अपील की है। परिवारों का कहना है कि यह सिर्फ एक इमारत या जमीन नहीं, बल्कि उन लोगों की यादों और अपूरणीय क्षति से जुड़ा स्थान है जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया।
पीड़ित परिवारों ने मांग की है कि इस जगह को स्मारक स्थल के रूप में सुरक्षित रखा जाए, ताकि यह हादसे में जान गंवाने वालों की स्थायी स्मृति बना रहे। उनका कहना है कि ऐसे स्थानों को जल्द मिटा देना मानवीय संवेदनाओं और जवाबदेही दोनों को कमजोर करता है। परिवारों ने सरकार से आग्रह किया है कि किसी भी अंतिम निर्णय से पहले प्रभावित लोगों से चर्चा की जाए।
