May 27, 2026

खंडवा कारोबारी की हिमाचल में दर्दनाक मौत: सतलज किनारे अंतिम संस्कार, विशेषज्ञों ने बताए पहाड़ों में सुरक्षा टिप्स

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खंडवा । खंडवा के प्रसिद्ध कपड़ा कारोबारी और ‘जींस हाउस’ के संचालक मनीष जैन की हिमाचल प्रदेश यात्रा के दौरान दुखद मौत हो गई। वे अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए भारत-चीन सीमा के पास स्थित ऊंचाई वाले क्षेत्र काजा पहुंचे थे, जहां अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। जानकारी के अनुसार, ऑक्सीजन लेवल कम होने के कारण उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई। चालक उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजन पहुंचे हिमाचल, कठिन परिस्थितियों में किया अंतिम संस्कार
22 मई को मौत की सूचना मिलने के बाद उनके बेटे शांतनु जैन, भाई तपिश जैन और करीबी दोस्त तुरंत हिमाचल प्रदेश रवाना हुए। करीब 30 घंटे की कठिन यात्रा के बाद परिजन काजा पहुंचे, जहां बेहद दुर्गम परिस्थितियों में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों ने बताया कि चारों ओर बर्फ, तेज ठंड और शून्य के आसपास तापमान के बीच अंतिम संस्कार करना बेहद कठिन था। बाद में सतलज नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार कर अस्थियां प्रवाहित की गईं।

स्थानीय लोगों और पुलिस ने की मदद
इस मुश्किल समय में स्थानीय निवासी केसन रेपचिक ने परिजनों की मदद करते हुए लकड़ी, वाहन और अन्य आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराई। वहीं हिमाचल पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए सहयोग किया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर तुरंत डेथ सर्टिफिकेट जारी किया। परिजनों ने स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद को अत्यंत संवेदनशील और मानवीय बताया।

एक्सपर्ट की सलाह: ऊंचाई वाले इलाकों में बरतें विशेष सावधानी
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मुनीश मिश्रा के अनुसार, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी के कारण हाई एल्टीट्यूड सिकनेस का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

विशेषज्ञों की सलाह है कि-

शरीर को ऊंचाई के अनुसार ढलने का समय दिया जाए
सांस फूलना या सिरदर्द होने पर तुरंत नीचे के इलाके में लौटें
पल्स ऑक्सीमीटर और पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर साथ रखें
हृदय, बीपी और अस्थमा के मरीज बिना मेडिकल सलाह यात्रा न करें
पर्याप्त पानी पिएं और शराब-धूम्रपान से बचें
समुदाय में शोक की लहर
इस अचानक हुई घटना से खंडवा में शोक का माहौल है। कारोबारी के निधन को व्यापारिक और सामाजिक दोनों ही क्षेत्रों में बड़ी क्षति माना जा रहा है।

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