जिले के लिए गर्व का पल: खीमाखेड़ी के अरुण शर्मा ने ऑनर्स के साथ पूरी की फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर ट्रेनिंग
अरुण शर्मा ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपी पीएससी) परीक्षा उत्तीर्ण कर यह सफलता हासिल की। वे गांव के शिक्षक जगदीश प्रसाद शर्मा के छोटे पुत्र हैं। उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
उज्जैन वृत्त में मिली पहली पदस्थापना
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अरुण शर्मा को उज्जैन वृत्त में पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। गांव के लोगों ने इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की अकादमी में प्रशिक्षण लेकर अधिकारी बनना पूरे क्षेत्र के लिए सम्मान की बात है।
मेहनत और अनुशासन से मिली सफलता
अरुण शर्मा के पिता जगदीश प्रसाद शर्मा ने बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गंभीरता से तैयारी करने की अपील की। अरुण की सफलता की खबर मिलते ही गांव में उत्साह का माहौल बन गया। ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई और परिवार को बधाई दी।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
खीमाखेड़ी जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर बनना युवाओं के लिए मिसाल माना जा रहा है। अरुण शर्मा की उपलब्धि ने क्षेत्र के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में नया जोश भर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अरुण ने साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनती, यदि इरादे मजबूत हों। उनकी उपलब्धि से पूरे राजगढ़ जिले का नाम रोशन हुआ है।
