May 27, 2026

भारत-इजरायल रक्षा संबंध: रिपोर्ट्स में बढ़ते दावों के बीच हकीकत क्या है?

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नई दिल्ली। इजरायल को भारत द्वारा सबसे ज्यादा सैन्य साजो-सामान सप्लाई करने के दावों को लेकर हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया में बहस तेज हुई है, जिसमें कुछ रिपोर्ट्स भारत-इजरायल रक्षा व्यापार को गाजा युद्ध से जोड़कर प्रस्तुत कर रही हैं।

इन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारत इजरायल को हथियार और रक्षा सामग्री सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है, लेकिन सरकारी आंकड़ों और रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार भारत का कुल रक्षा निर्यात वैश्विक स्तर पर कई देशों में बंटा हुआ है और इजरायल उसका केवल एक छोटा हिस्सा है।

भारत का रक्षा निर्यात और इजरायल की हिस्सेदारी
आधिकारिक और वैश्विक रक्षा आंकड़ों के मुताबिक भारत का कुल रक्षा निर्यात अरबों डॉलर का है, जिसमें इजरायल को होने वाला निर्यात सीमित प्रतिशत में आता है। भारत के प्रमुख रक्षा साझेदारों में अमेरिका, फ्रांस, आर्मेनिया और कई एशियाई-अफ्रीकी देश शामिल हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और इजरायल के बीच रक्षा संबंध गाजा संघर्ष से काफी पहले से चले आ रहे हैं और यह एक सामान्य द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है, न कि किसी एक युद्ध से जुड़ा हुआ समझौता।

रिपोर्ट्स और राजनीतिक बहस
कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि भारत की आपूर्ति इजरायल के सैन्य अभियानों से जुड़ी हो सकती है, लेकिन इन दावों को लेकर अलग-अलग विश्लेषण सामने आते हैं और कई विशेषज्ञ इसे सीमित और संदर्भ से बाहर बताया गया नैरेटिव मानते हैं।भारत सरकार की ओर से हमेशा यह रुख रहा है कि उसका रक्षा निर्यात अंतरराष्ट्रीय नियमों और वैध व्यापार समझौतों के तहत होता है और किसी भी संघर्ष में सीधी भागीदारी का आधार नहीं माना जा सकता।

कुल मिलाकर भारत-इजरायल रक्षा संबंध लंबे समय से रणनीतिक और तकनीकी सहयोग पर आधारित हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स में इसे लेकर अलग-अलग व्याख्याएं और राजनीतिक दृष्टिकोण देखने को मिलते हैं।

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