May 25, 2026

अमेरिकी का दावा, "ईरान के शीर्ष नेता मोजतबा खामेनेई ‘सीक्रेट लोकेशन’ पर छिपे, इसलिए समझौते में हो रही देरी"

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नई दिल्‍ली । अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर चौंकाने वाली जानकारी दी है. अधिकारियों का कहना है कि वह (मोजतबा खामेनेई) को ईरानी बलों ने खुफिया जगह पर छिपाया हुआ है, जहां उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट गया है और इसी कारण अमेरिकी प्रशासन के साथ संभावित समझौते की बातचीत में देरी हो रही है.

मामले की जानकारी रखने वाले अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी खुफिया जानकारी से पता चलता है कि ईरान के सर्वोच्च नेता प्रभावी रूप से एक अज्ञात स्थान पर छिपे हुए हैं, जहां से बाहरी दुनिया का संपर्क बहुत कम है और उनसे केवल संदेशवाहकों (मैसेंजर) के एक जटिल जाल के जरिए ही संपर्क किया जा सकता है.

‘बातचीत में कठिनाई’
ट्रंप प्रशासन के साथ काम करने के लिए अधिकृत ईरानी अधिकारियों को अपनी ही सरकारी व्यवस्था के अंदर संवाद करने में कठिनाई हो रही है और यही एक मुख्य कारण है कि ईरान के साथ संभावित समझौते और पिछले समझौतों का विवरण सामने आने में देरी हो रही है.

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई तक केवल संदेशवाहकों (मैसेंजर) के एक भूलभुलैया वाले नेटवर्क के जरिए ही पहुंचा जा सकता है. जब भी अमेरिका किसी समझौते के प्रस्ताव का विवरण भेजता है तो सर्वोच्च नेता तक सीधे पहुंच न होने के कारण अंतिम प्रतिक्रिया मिलने में बहुत लंबा वक्त लग जाता है. वो केवल व्यापक तौर पर अपने अधीनस्थों को निर्देश भेज पा रहे हैं.

‘बंकरों में बंद हैं ईरानी नेता’
खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध के दौरान अमेरिकी और इजरायली सुरक्षा तंत्र ने ईरानी सरकार के अंदर से जानकारी जुटाकर उनके कई वरिष्ठ नेताओं को खत्म कर दिया है. इस डर से अधिकांश ईरानी नेता हफ्तों तक बेहद मजबूत बंकरों के अंदर बंद रहते हैं. वो बहुत जरूरी होने पर ही आपस में बात करते हैं.

‘जल्द हो सकता है समझौता’
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने इस खुफिया जानकारी और ईरान से बातचीत के तरीकों पर टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया. हालांकि, एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि सर्वोच्च नेता ने वर्तमान मसौदा समझौते की रूपरेखा पर अपनी सहमति दे दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर उम्मीद जताई है कि अगले कुछ दिनों में अंतिम फैसला सामने आ जाएगा.

आपको बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई जो ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अमेरिकी और इजरायली हमलों में घायल हो गए थे. अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई (जिन्होंने 1989 से 28 फरवरी तक ईरान पर शासन किया था) की हत्या करने वाले हमलों के समान हमलों से बचने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं. युद्ध शुरू होने से पहले से ही मोजतबा खामेनेई को आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक रूप से देखा या सुना नहीं गया है. अमेरिका का दावा है कि मोजतबा हमले में बुरी तरह घायल हो गए हैं.

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