सोमवार को बाजार का मूड कैसा रहेगा? उतार-चढ़ाव के बीच ट्रेडिंग पर नजर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिका के डाउ जोन्स, नैस्डैक और एशियाई बाजारों जैसे जापान और सिंगापुर के संकेतों पर निर्भर करेगी। अगर वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं तो भारतीय बाजार में हल्की तेजी देखने को मिल सकती है, जबकि कमजोर संकेतों की स्थिति में दबाव भी बन सकता है।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो इसका असर भारतीय कंपनियों के खर्च और निवेश पर पड़ सकता है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।
डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रुख भी बाजार के लिए बेहद अहम रहेगा। अगर FIIs लगातार खरीदारी करते हैं तो बाजार को मजबूती मिलेगी, वहीं बिकवाली की स्थिति में गिरावट का दबाव बढ़ सकता है।
घरेलू स्तर पर भी निवेशकों की नजर बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन, सेक्टर आधारित रुझानों और आर्थिक नीतियों पर बनी रहेगी। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर में खास हलचल देखने को मिल सकती है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस दिन बाजार में एकतरफा तेजी या गिरावट की बजाय उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर 25 मई का दिन शेयर बाजार के लिए “वोलैटाइल सेशन” साबित हो सकता है, जहां छोटे-छोटे ग्लोबल ट्रिगर्स भी बड़ी चाल तय कर सकते हैं।
