चीन दौरे से पहले ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- ईरान संकट सुलझाने में शी जिनपिंग की जरूरत नहीं
चीन दौरे पर हाई-प्रोफाइल डेलिगेशन
13 से 15 मई तक चलने वाले इस दौरे में ट्रंप के साथ अमेरिका का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी चीन जा रहा है। इसमें उनके परिवार के सदस्य एरिक ट्रंप और लारा ट्रंप के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। डेलिगेशन में विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी पीट हेगसेथ, और अन्य कूटनीतिक व सुरक्षा सलाहकार जैसे जेमीसन ग्रीर, स्टीफन मिलर, स्टीवन चेउंग, जेम्स ब्लेयर और अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं।
ईरान मुद्दा प्राथमिकता में नहीं
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि चीन में शी जिनपिंग के साथ उनकी बातचीत का मुख्य फोकस ईरान मुद्दा नहीं होगा, हालांकि इस पर चर्चा जरूर होगी। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर हो चुकी है और किसी भी समझौते का उद्देश्य अमेरिका और ईरान दोनों देशों के हित में होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि “हम सिर्फ अच्छी डील करेंगे।”
रूस-यूक्रेन युद्ध पर दावा
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध जल्द ही समाप्त होने की दिशा में है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वैश्विक हालात में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि चीन दौरे के दौरान ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात से वैश्विक राजनीति और खासकर ईरान संकट पर क्या नई दिशा निकलती है।
