May 8, 2026

जर्मनी में बढ़ी भारतीय स्किल्ड वर्कर्स की डिमांड, UN में जर्मन अधिकारी बोले- भारत सबसे अहम साझेदार

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नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जर्मनी ने भारतीय स्किल्ड वर्कर्स की जमकर सराहना की। जर्मनी के बहुपक्षीय मामलों के कमिश्नर फ्लोरियन लॉडी ने कहा कि स्किल्ड माइग्रेशन के लिए भारत जर्मनी के सबसे महत्वपूर्ण और पसंदीदा साझेदार देशों में शामिल है।

जर्मनी के लिए ‘ट्रिपल विन’ साबित हो रहे भारतीय
भारत के यूएन मिशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में फ्लोरियन लॉडी ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच माइग्रेशन सहयोग दोनों देशों और कामगारों के लिए “ट्रिपल विन” है। इससे भारतीय युवाओं को बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जर्मनी को कुशल श्रमिक मिल रहे हैं और भारत के विशाल कार्यबल को वैश्विक पहचान मिल रही है।

उन्होंने कहा कि जर्मनी में भारतीय माइग्रेंट्स बेहद क्वालिफाइड हैं, खासकर विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में। उनकी आय जर्मनी की औसत आय से भी अधिक है, जो उनकी योग्यता को दर्शाती है।

2025 में 1.8 लाख भारतीयों ने जर्मन वर्कफोर्स में दिया योगदान
लॉडी के मुताबिक, अकेले 2025 में करीब 1,80,000 भारतीय जर्मनी की वर्कफोर्स का हिस्सा बने हैं। पिछले 10 वर्षों में यह संख्या 656 फीसदी बढ़ी है, जो दोनों देशों के बढ़ते सहयोग को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी लोकतंत्र, स्वतंत्रता और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था जैसे साझा मूल्यों के कारण मजबूत साझेदार बन चुके हैं।

वीजा और डिग्री प्रक्रिया हो रही आसान
जर्मन अधिकारी ने बताया कि 2022 में हुए Migration and Mobility Partnership Agreement (MMPA) के बाद स्किल्ड वर्कर्स, छात्रों और रिसर्चर्स के लिए जर्मनी जाने की प्रक्रिया आसान हुई है।

अब वीजा प्रक्रिया को डिजिटल और तेज बनाया जा रहा है, जबकि डिग्री रिकग्निशन और जर्मन भाषा प्रशिक्षण को भी अधिक सुलभ किया जा रहा है।

जर्मनी में पढ़ रहे 60 हजार से ज्यादा भारतीय छात्र
फ्लोरियन लॉडी ने बताया कि लगातार तीसरे साल 60,000 से ज्यादा भारतीय छात्र जर्मनी के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं। भारतीय छात्र अब वहां सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय छात्र समूह बन चुके हैं। इनमें से आधे से ज्यादा छात्र पढ़ाई पूरी होने के बाद जर्मनी में नौकरी भी हासिल कर लेते हैं।इसके अलावा करीब 10,000 भारतीय अप्रेंटिस जर्मनी के प्रतिष्ठित वोकेशनल ट्रेनिंग सिस्टम के तहत प्रशिक्षण ले रहे हैं।

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