CM योगी समेत कई नेताओं ने बदली सोशल मीडिया DP, ऑपरेशन सिंदूर और ब्रह्मोस तस्वीरों से दिया खास संदेश
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के मौके पर देश के राजनीतिक और डिजिटल माहौल में एक खास तरह की हलचल देखने को मिली। इस दिन को याद करते हुए कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्रोफाइल तस्वीरों और कवर इमेज में बदलाव किया। यह बदलाव केवल एक औपचारिक अपडेट नहीं था, बल्कि इसके पीछे भारतीय सेना के साहस और उस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई को याद करने का संदेश भी जुड़ा था, जिसे देश की सुरक्षा के इतिहास में एक अहम मोड़ माना जाता है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस अवसर पर अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल में विशेष बदलाव किया। उनकी प्रोफाइल तस्वीर में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी प्रतीकात्मक झलक दिखाई दी, जबकि कवर इमेज में ब्रह्मोस मिसाइल को प्रमुखता से दर्शाया गया। यह बदलाव सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया और लोगों के बीच इसे लेकर काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
ऑपरेशन सिंदूर को उस सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा जाता है जिसमें भारतीय सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से आतंकवादी ठिकानों पर निर्णायक कदम उठाया था। इस कार्रवाई को देश की सुरक्षा नीति में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जाता है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस वर्षगांठ पर कई नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए देश के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और भारतीय सेना के साहस को सलाम किया। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किए गए ये बदलाव एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में सामने आए, जिसमें देश की रक्षा नीति और सैन्य ताकत को प्रमुखता से दर्शाया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ब्रह्मोस मिसाइल को कवर इमेज में शामिल करना भी विशेष रूप से चर्चा में रहा। ब्रह्मोस को भारत की आधुनिक और तेज सुपरसोनिक मिसाइलों में गिना जाता है, जिसे देश की रक्षा क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह तस्वीर भारत की बढ़ती सैन्य तकनीक और आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था का भी संकेत देती है।
उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस से जुड़ी उत्पादन इकाई इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है, जो राज्य को रक्षा क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है।
सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लोगों की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कई यूजर्स ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी तस्वीरें और संदेश साझा किए, जिससे यह विषय केवल एक औपचारिक वर्षगांठ न रहकर एक व्यापक चर्चा का हिस्सा बन गया। यह पूरा घटनाक्रम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देशभक्ति और सुरक्षा संदेश के एक नए रूप में सामने आया।
