'डार्लिंग-डार्लिंग दिल क्यों तोड़ा': धुरंधर-2 के इस वायरल संवाद के पीछे का सच आया सामने, अभिनेता ने साझा किए निर्देशक के अतरंगी विकल्प।
भारतीय सिनेमा के इतिहास में ‘धुरंधर’ फ्रैंचाइजी एक ऐसी मिसाल बन चुकी है, जिसने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के साथ-साथ लोकप्रियता के भी सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। रणवीर सिंह अभिनीत ‘धुरंधर-2: द रिवेंज’ अब विश्व स्तर पर 1800 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल होने के बेहद करीब पहुंच गई है। इस फिल्म की अपार सफलता में जहाँ मुख्य कलाकारों के अभिनय की सराहना हो रही है, वहीं ‘आलम भाई’ जैसे छोटे लेकिन बेहद प्रभावशाली किरदारों ने भी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह पक्की कर ली है। आलम भाई का किरदार निभाने वाले अभिनेता गौरव गेरा ने हाल ही में फिल्म से जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जिसने प्रशंसकों को हैरान और लोटपोट कर दिया है।
गौरव गेरा ने बताया कि फिल्म में उनके किरदार का एक संवाद ‘डार्लिंग-डार्लिंग दिल क्यों तोड़ा’ सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ है। यह संवाद फिल्म के उस दृश्य का हिस्सा है जहाँ रणवीर सिंह का किरदार (हमजा) अपनी मायूसी के बीच आलम भाई की जूस की दुकान पर बैठता है। गौरव ने खुलासा किया कि यह मशहूर संवाद दरअसल निर्देशक आदित्य धर की रचनात्मक उपज थी। उन्होंने बताया कि शूटिंग से पहले निर्देशक ने उन्हें कई अतरंगी और मजेदार तुकबंदियां विकल्पों के तौर पर भेजी थीं, ताकि दृश्य के मूड के हिसाब से सबसे सटीक जुमला चुना जा सके। गौरव ने सोशल मीडिया पर उन विकल्पों की सूची साझा की है, जिन्हें पढ़कर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस फिल्म के हर सीन पर कितनी बारीकी और रचनात्मकता के साथ काम किया गया है।
निर्देशक आदित्य धर द्वारा दिए गए विकल्पों में कुछ बेहद अजीबोगरीब और मजेदार जुमले शामिल थे। इनमें ‘महफिल में घुस गया बहन का घोड़ा, पीलो पीलो आलम दूध सोडा’ और ‘अंडे से निकला चूजा खा लो खा लो क्रीम खरबूजा’ जैसे विकल्प थे। यही नहीं, इश्क में नाकामी पर ‘पिस्टल अनानास’ पिलाने और खूबसूरती के लिए ‘आंवला का मामला’ समझाने जैसी तुकबंदियां भी गौरव को सीखने के लिए दी गई थीं। गौरव ने बताया कि ‘लोहे पर हथौड़ा’ और ‘आलम दूध सोडा’ जैसे विकल्पों के बावजूद अंततः सेट पर ‘डार्लिंग-डार्लिंग’ वाले संवाद को ही फाइनल किया गया, क्योंकि इसमें एक अलग तरह का आकर्षण और मनोरंजन था जो दर्शकों को तुरंत पसंद आया।
बता दें कि फिल्म के इस दूसरे भाग में आलम भाई का किरदार भावनात्मक मोड़ पर शहीद हो जाता है, जिससे कहानी में एक गहरा प्रभाव पड़ता है। पहले भाग में वह हमजा के लिए ल्यारी के मुश्किल माहौल में इकलौता सहारा था और उसे फिल्म के मुख्य विलेन रहमान डकैत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां देता था। गौरव गेरा के इस ताजा खुलासे के बाद फिल्म प्रेमी अब उन अन्य विकल्पों पर भी मजेदार चर्चा कर रहे हैं और यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या अन्य अतरंगी डायलॉग्स भी इतने ही प्रभावी साबित होते। फिलहाल, फिल्म की टीम अपनी इस ऐतिहासिक वैश्विक जीत का आनंद ले रही है और ‘धुरंधर-2’ की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है।
