सुनील पाल ने समय रैना को कहा 'आतंकवादी' और समय ने सरेआम कर दिया रोस्ट
नई दिल्ली। टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय कॉमेडी शो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ का ताजा एपिसोड हंसी के ठहाकों से ज्यादा तीखी नोकझोंक और पुरानी रंजिशों के सुलझने का गवाह बना। इस बार शो के मंच पर आधुनिक दौर के ‘रोस्ट किंग’ समय रैना और पुराने दौर के दिग्गज कॉमेडियन सुनील पाल का आमना-सामना हुआ। दोनों के बीच का विवाद जगजाहिर है, लेकिन कपिल शर्मा के शो पर जब ये दोनों आमने-सामने आए, तो माहौल में तनाव और हंसी का मिला-जुला तड़का देखने को मिला। समय रैना, जो रणवीर इलाहाबादिया के साथ पहुंचे थे, सुनील पाल की सरप्राइज एंट्री देखकर हैरान रह गए।
विवाद की जड़ उस समय की है जब सुनील पाल ने समय रैना के ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ जैसे शो और उनकी कॉमेडी शैली की कड़ी आलोचना की थी। बात इतनी बढ़ गई थी कि सुनील पाल ने सार्वजनिक तौर पर समय रैना को ‘आतंकवादी’ तक कह दिया था। शो के दौरान जब कपिल शर्मा ने इस कड़वाहट पर सवाल किया और मजाकिया लहजे में पूछा कि समय ने कब मुंह से ग्रेनेड फेंके जो उन्हें ऐसा टैग दिया गया, तो सुनील पाल अपने स्टैंड पर अडिग दिखे। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि समय जो कंटेंट परोसते हैं, वह समाज की समझ से परे है और जो समाज की मुख्यधारा में फिट नहीं बैठता, वह उनके लिए किसी आतंकवादी से कम नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि समय अगर मुंह से ग्रेनेड मार देते तो शायद वह सह लिया जाता, लेकिन उनकी बातें असहनीय होती हैं।
समय रैना ने भी इस वार का जवाब अपने ही अंदाज में दिया। उन्होंने सुनील पाल की बातों का बुरा मानते हुए कहा कि एक कलाकार के तौर पर उन्हें तब सबसे ज्यादा दुख होता है जब इंडस्ट्री के सीनियर लोग मुश्किल समय में साथ देने के बजाय विरोध में खड़े हो जाते हैं। हालांकि, माहौल को हल्का करने के लिए समय ने सुनील पाल को जबरदस्त रोस्ट भी किया। जब सुनील पाल ने गाली-गलौज वाली कॉमेडी पर तंज कसा, तो समय ने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्होंने सारी गालियां सुनील पाल के वीडियो के कमेंट सेक्शन से सीखी हैं। इस दौरान अर्चना पूरन सिंह ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन दोनों कॉमेडियन्स के बीच की वैचारिक जंग पूरी तरह हावी रही।
कपिल शर्मा ने पूरे एपिसोड के दौरान दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिश की। समय ने अपनी शिकायतें सामने रखीं और बताया कि कैसे विवादों के समय उन्हें अपनों के साथ की कमी खली। अंत में, यह एपिसोड न केवल मनोरंजन से भरपूर रहा, बल्कि इसने कॉमेडी के दो अलग-अलग दौर के बीच की गहरी खाई और कंटेंट को लेकर बदलते नजरिए को भी बखूबी दिखाया। सुनील पाल की पुरानी परंपरा और समय रैना की मॉडर्न ‘डार्क कॉमेडी’ का यह टकराव लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहेगा।
