Uttarakhand Weather: मौसम खराब, देवभूमि में कई जगह आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि
Screenshot
-
पहाड़ों में बर्फबारी के आसार

इसके साथ ही राज्य के कई पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दून समेत कई जिलों में चार और पांच मई के लिए बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में बारिश और बिजली चमकने की संभावना है। इसके अलावा 4000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का भी अनुमान है जबकि प्रदेश के सभी जिलों में कहीं-कहीं बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
निर्देश: संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के
मौसम विभाग के अलर्ट के दृष्टिगत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिलों आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि जिलों को उच्च सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को नियंत्रित करने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा राहत, बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया हैं।
सभी संबंधित विभागों, जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, बीआरओ आदि को मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ग्राम स्तर तक अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने एवं आपदा उपकरणों तथा संसाधनों को तैयार स्थिति में रखने को कहा गया है। विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

Update: करीब 1 बजे हल्द्वानी में तेज हवा के साथ भारी बारिश
रविवार 3 मई की दोपहर करीब 1 बजे से हल्द्वानी के कई क्षेत्रों में तेज हवा के साथ भारी बारिश हुई। जिसके चलते जहां एक ओर लोगों का बाहर निकलना बंद हो गया।

वहीं जो लोग रास्तों में थे उन्हें बारिश से बचने के लिए कई जगहों पर शरण लेनी पड़ी। कई जगह लोगों के सामान या अन्य चीजें जो बाहर रखी थी वह हवा की गति के चलते सड़कों पर उड़ गई। यहां तक कि लोग जहां थे, चाहे वाहन पर हो या पैदल उन्हें वहीं ठिठकने को मजबूर होना पड़ा।
