मोदी के निमंत्रण पर भारत आएंगे वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम, अहम मुद्दों पर होगी बड़ी चर्चा
भारत सरकार के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति टो लैम 5 से 7 मई तक भारत में रहेंगे इस दौरान उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा जिसमें वियतनाम सरकार के मंत्री वरिष्ठ अधिकारी और एक बड़ा बिजनेस डेलिगेशन शामिल रहेगा यह संकेत देता है कि इस यात्रा का फोकस केवल राजनीतिक ही नहीं बल्कि आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को भी आगे बढ़ाना है
दौरे की शुरुआत 6 मई को औपचारिक स्वागत समारोह से होगी जहां राष्ट्रपति टो लैम का स्वागत राष्ट्रपति भवन में किया जाएगा इसके बाद उनकी मुलाकात भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी इस बैठक में दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के साथ साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे माना जा रहा है कि इस दौरान रक्षा सहयोग व्यापार निवेश और इंडो पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी जैसे अहम विषयों पर भी बातचीत होगी
राष्ट्रपति टो लैम भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे इसके अलावा कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ भी उनकी बैठक प्रस्तावित है इन मुलाकातों के जरिए दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास और सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा
इस दौरे का एक महत्वपूर्ण पहलू सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव भी है राष्ट्रपति टो लैम अपने कार्यक्रम के तहत बिहार के बोधगया भी जाएंगे जो बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र है इसके साथ ही वे मुंबई का भी दौरा करेंगे जहां व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं हो सकती हैं
भारत और वियतनाम के संबंध ऐतिहासिक और सभ्यतागत आधार पर टिके हुए हैं पिछले कुछ वर्षों में इन रिश्तों में लगातार मजबूती आई है खासतौर पर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वियतनाम दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित की गई थी अब इस साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने के मौके पर यह दौरा और भी महत्वपूर्ण हो जाता है
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टो लैम को राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई देते हुए दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की इच्छा जताई थी उन्होंने भरोसा जताया था कि टो लैम के नेतृत्व में भारत और वियतनाम की दोस्ती और गहरी होगी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देगा बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग को भी बढ़ावा देगा आने वाले समय में भारत और वियतनाम के बीच साझेदारी और मजबूत होती दिखाई दे सकती है
