April 25, 2026

गर्मी में डिहाइड्रेशन के मामले बढ़े, शरीर में पानी की कमी से बिगड़ सकती है सेहत

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नई दिल्ली । तेज गर्मी और लू के बीच इन दिनों डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। अस्पतालों में रोजाना ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जिन्हें कमजोरी, चक्कर और थकान जैसी शिकायतें हो रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह समस्या समय रहते ध्यान न देने पर गंभीर रूप ले सकती है।

डिहाइड्रेशन क्या है और कैसे होता है
डिहाइड्रेशन तब होता है जब शरीर में पानी की मात्रा जरूरत से कम हो जाती है। गर्मी में अधिक पसीना आने और पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने के कारण शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो जाती है। इससे शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

डिहाइड्रेशन के सामान्य लक्षण
पानी की कमी होने पर शरीर कई संकेत देता है। इनमें अत्यधिक प्यास लगना, मुंह सूखना, सिरदर्द, कमजोरी, चक्कर आना, पेशाब का रंग गहरा होना और थकान शामिल हैं। गंभीर स्थिति में व्यक्ति बेहोशी तक महसूस कर सकता है।

किन लोगों में ज्यादा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और खुले में काम करने वाले मजदूर डिहाइड्रेशन के अधिक शिकार होते हैं। इसके अलावा जो लोग कम पानी पीते हैं या अधिक शारीरिक मेहनत करते हैं, उनमें भी इसका खतरा ज्यादा रहता है।

गर्मी में डिहाइड्रेशन बढ़ने के कारण
तेज धूप में लंबे समय तक बाहर रहना, पसीने के साथ शरीर से नमक और पानी का अधिक निकलना, और पानी की पर्याप्त मात्रा में पूर्ति न होना इसके मुख्य कारण हैं। इसके अलावा चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन भी शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है।

बचाव के आसान उपाय
डॉक्टर सलाह देते हैं कि गर्मी में हर कुछ समय पर पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे। नारियल पानी, नींबू पानी और ओआरएस का सेवन भी फायदेमंद होता है। हल्के और सूती कपड़े पहनें और धूप में बाहर निकलने से बचें।

कब हो जाए सावधान
अगर किसी व्यक्ति को लगातार चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या बेहोशी महसूस हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना जरूरी होता है।

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