April 25, 2026

यमुनोत्री धाम: हिमस्खलन से मार्ग क्षतिग्रस्त, कई फीट बर्फ जमी

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Yamnotri
  • सुरक्षात्मक कार्य के लिए जा रहे मजदूर भी फंसे

यमुनोत्री धाम में बीते दिनों हुई बर्फबारी के दौरान हिमस्खलन होने के कारण घोड़ापड़ाव सहित आसपास के टिनशेड सहित मंदिर को जोड़ने वाले मार्ग को नुकसान हुआ है। साथ ही भैरो घाटी में भी इस कारण पैदल मार्ग पूर्णत क्षतिग्रस्त हुआ है। साथ ही जगह-जगह विशालकाय पेड़ टूटे होने के कारण वहां पर अव्यवस्था बनी हुई है। लेकिन प्रशासन की ओर से इसके सुधारीकरण के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।

आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए यमुनोत्री मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल और सहसचिव गौरव उनियाल ने धाम का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बीते दिनों हुई बर्फबारी के कारण धाम में बहुत नुकसान हुआ है। वहां पर मंदिर के सामने घोड़ापड़ाव और अन्य टीनशेड एवलांच आने के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। साथ ही पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हुआ है। बताया कि वहां कई फीट बर्फ जमा है। साथ ही भैरो घाटी में एवलांच आने के कारण कई जगहों पर मार्ग क्षतिग्रस्त होने के साथ ही बर्फ से पटा हुआ है। नौकैची के आसपास विशालकाय पेड़ टूटकर धाम के पैदल मार्ग पर आए हैं।

कुछ ही दिन शेष यात्रा शुरू होने में 
प्रदीप उनियाल ने कहा कि बर्फबारी रूकने और मौसम साफ होने के बाद भी प्रशासन को कोई जिम्मेदार अधिकारी वहां पर निरीक्षण के लिए नहीं आया। यात्रा शुरू होने में अब मात्र कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से यमुनोत्री धाम की लगातार उपेक्षा की जा रही है। पैदल मार्ग पर बर्फ और क्षतिग्रस्त होने के कारण धाम में सुरक्षात्मक कार्य करने के लिए जा रहे मजदूर जानकीचट्टी में ही फंसे हुए हैं।

अधिक बर्फ होने के कारण आवश्यक सामग्री भी धाम में नहीं पहुंच पा रही है। ऐसी स्थिति रही तो यात्रा शुरू होने से पहले आनन-फानन में किए गए आधे-अधूरे कार्यों के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लोनिवि के अधिशासी अभियंता तरूण कांबोज का कहना है कि मुझे जानकारी दी गई कि पैदल मार्ग से बर्फ हटा दी गई है। बृहस्पतिवार को स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली जाएगी।

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