March 16, 2026

सरके चुनर तेरी सरके पर फैंस नाराज, अश्लीलता फैलाने का आरोप सोशल मीडिया पर..

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नई दिल्ली : बॉलीवुड में एक बार फिर अश्लीलता का मुद्दा चर्चा में है। फिल्म केडी- द डेविलKD: The Devil का नया गाना सरके चुनर तेरी सरके सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन इसके बोल और डांस को लेकर दर्शकों में नाराजगी भी काफी है। गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त की जोड़ी नजर आती है, और उनका डांस वीडियो रिलीज होते ही चर्चा में आ गया।

गाने को मंगली ने गाया है, रकीब आलम ने लिखा है और संगीत अर्जुन जान्या का है। शुरुआत में गाना सामान्य लगता है, लेकिन जैसे-जैसे गीत आगे बढ़ता है, इसके बोल सीधे-सीधे अश्लील और स्पष्ट हो जाते हैं। कई यूजर्स का कहना है कि गाने में डबल मीनिंग की बजाय स्पष्ट अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिसे सोशल मीडिया पर बर्दाश्त नहीं किया जा रहा।

नोरा फतेही ने गाने में अपनी एनर्जेटिक डांसिंग दिखाई है, जिसमें पल्लू गिराने जैसे स्टेप्स शामिल हैं। संजय दत्त भी खलनायक वाले अंदाज में डांस करते दिखाई देते हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे भोजपुरी गानों से भी घटिया बताया और आलोचना का स्तर काफी बढ़ गया। इससे पहले कुछ दिन पहले बादशाह के गाने टटीरी को लेकर भी इसी तरह का विवाद उठ चुका था।

फिल्म केडी- द डेविल कन्नड़ सिनेमा की बड़ी परियोजना है और इसे पैन-इंडिया स्तर पर रिलीज किया जाएगा। फिल्म में ध्रुव सरजा लीड रोल में हैं, जबकि शिल्पा शेट्टी, वी रविचंद्रन और अन्य कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। गाने और फिल्म के निर्देशन का काम प्रेम ने किया है।

यह गाना पांच भाषाओं में रिलीज किया गया है, और इसे पार्टी एंथम बनाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर आलोचना ने इसे सुर्खियों में ला दिया। कई लोगों ने नोरा फतेही की डांसिंग और गाने के बोल को अशोभनीय बताया है, जिससे फिल्म रिलीज से पहले ही विवाद का सामना कर रही है।

फिल्म की रिलीज़ तारीख 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। इस गाने के वायरल होने और आलोचना में आने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि मेकर्स इसे किस तरह संभालते हैं। गाने और फिल्म की यह प्रतिक्रिया बॉलीवुड में अश्लीलता और सेंसरशिप के मुद्दे पर नई बहस को जन्म दे सकती है। इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पैन-इंडिया रिलीज़ वाले बड़े प्रोजेक्ट्स में दर्शकों की संवेदनाओं और सांस्कृतिक सीमाओं का कितना ध्यान रखा जाना चाहिए।

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