March 16, 2026

500 किमी की अविरल-निर्मल यमुना यात्रा का समापन, जल संरक्षण का दिया संदेश

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जालौन । बुंदेलखंड की जल सहेलियों द्वारा यमुना नदी को अविरल और निर्मल बनाने के संकल्प के साथ निकाली गई लगभग 500 किलोमीटर लंबी अविरल निर्मल यमुना यात्रा का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह पदयात्रा नदी संरक्षण और जल जागरूकता का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी जिसमें बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।

सोमवार को जालौन में आयोजित भेंट वार्ता के दौरान जन जन जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय संयोजक संजय सिंह ने यात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि यह पदयात्रा 29 जनवरी को पंचनद धाम से शुरू हुई थी। यह स्थान क्षेत्र का एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है।स्थल है जहां से जल सहेलियों ने यमुना नदी को स्वच्छ और अविरल बनाने का संकल्प लेकर यात्रा प्रारंभ की थी।

उन्होंने बताया कि यह यात्रा कई जिलों और सैकड़ों गांवों से होकर गुजरी। पदयात्रा के दौरान लोगों को जल संरक्षण नदी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। यात्रा के माध्यम से ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि नदियों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी से ही संभव है।

करीब डेढ़ महीने तक चली इस पदयात्रा का समापन अंततः दिल्ली में स्थित वासुदेव घाट पर हुआ। यहां यात्रा से जुड़े लोगों ने यमुना नदी की स्वच्छता और संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया।

आयोजकों के अनुसार इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि यमुना जैसी जीवनदायिनी नदी को प्रदूषण से बचाने और उसकी अविरल धारा बनाए रखने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर सभाएं संवाद कार्यक्रम और जागरूकता अभियान भी आयोजित किए गए।

बुंदेलखंड क्षेत्र की जल सहेलियों द्वारा की गई इस पहल को स्थानीय लोगों का व्यापक समर्थन मिला और इसे नदी संरक्षण के लिए जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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