दत्तात्रेय होसबाले बोले- ईरान युद्ध पर भारत का रुख सही, दुनिया में शांति चाहता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
होसबाले ने कहा कि संघ हमेशा दुनिया में शांति और स्थिरता का पक्षधर रहा है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान संवाद और संतुलित कूटनीति से होना चाहिए।
पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध जरूरी
होसबाले ने कहा कि संघ हमेशा पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंधों पर जोर देता है। उन्होंने बांग्लादेश और नेपाल में हाल के राजनीतिक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि इन देशों में शांति और स्थिरता बनी रहना पूरे एशिया के विकास और सुरक्षा के लिए जरूरी है।
हालांकि उन्होंने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई और कहा कि वहां सामाजिक संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
भारतीयता और हिंदुत्व पर क्या बोले
होसबाले ने कहा कि भारतीयता और हिंदुत्व को लेकर स्पष्ट समझ होना जरूरी है। उनके अनुसार हिंदुत्व केवल एक विचार या मानसिकता नहीं बल्कि एक जीवनशैली है, जो समाज में समरसता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती है।
संघ में मुस्लिम और महिलाओं की भूमिका
संघ में सदस्यता को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म का व्यक्ति संघ से जुड़ सकता है और भगवा ध्वज को प्रणाम कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि संघ में पहले से ही कई मुस्लिम कार्यकर्ता सक्रिय हैं।
महिलाओं की भागीदारी पर उन्होंने कहा कि शाखा की कार्यप्रणाली में महिलाएं शामिल नहीं होतीं, लेकिन संघ की कई अन्य गतिविधियों और संगठनों में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्य कर रही हैं।
बेसहारा गोवंश पर भी बोले
बेसहारा गोवंश के मुद्दे पर होसबाले ने कहा कि सरकार और नगर निगम इस दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि गायों को केवल दूध के लिए उपयोगी न समझें, क्योंकि गोबर और गौमूत्र भी कई तरह से उपयोगी होते हैं, इसलिए उन्हें सड़कों पर छोड़ना उचित नहीं है।
बीजेपी से संबंध पर दिया जवाब
राजनीति में संघ की भूमिका पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि देश में कई विचारधाराएं हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने संघ की विचारधारा को अपनाया। इसी वजह से संघ से जुड़े कई लोग राजनीति में सक्रिय होकर देशहित के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं।
हरियाणा में बड़ा RSS केंद्र बनाने की तैयारी
सभा के दौरान उत्तर भारत में संघ की गतिविधियों को मजबूत करने के लिए पानीपत (हरियाणा) में बड़ा केंद्र विकसित करने का प्रस्ताव भी सामने आया। यहां पट्टीकल्याणा स्थित माधव दृष्टि साधना केंद्र को नागपुर स्थित मुख्यालय की तर्ज पर विकसित करने की योजना है।
करीब 25 एकड़ क्षेत्र में फैले इस केंद्र को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां से उत्तर भारत के कई राज्यों में संघ के कार्यों को समन्वित किया जा सकेगा।
तीन दिवसीय सभा की प्रमुख बातें
RSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में संगठन के भविष्य की योजनाओं और गतिविधियों पर चर्चा हुई। रिपोर्ट के अनुसार देशभर में संघ की 88,949 शाखाएं संचालित हो रही हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5,820 अधिक हैं।
सभा में दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में संगठन विस्तार की रणनीति पर भी चर्चा हुई। साथ ही अगले वर्षों में केरल, तमिलनाडु, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में संघ की गतिविधियों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
