March 16, 2026

एलपीजी बुकिंग घटकर 77 लाख हुईं, देश में ईंधन की कोई कमी नहीं: सरकार

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नई दिल्ली।
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने सरकार ने कहा है कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित है और किसी तरह की कमी नहीं है। देश में घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी रिफिल की बुकिंग में गिरावट आई है, यह घटकर अब करीब 77 लाख पर पहुंच गई है, जबकि 13 मार्च को ये 88.8 लाख थी।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि देशभर में एलपीजी की कोई कमी नहीं है, जबकि तेल विपणन कंपनियों के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है। मंत्रालय के मुताबिक हालिया दहशत में कमी आने के बाद एलपीजी बुकिंग 88 लाख से घटकर लगभग 77 लाख रह गई है। केंद्र सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पैनिक बुकिंग से बचें और ऑनलाइन रिफिल बुक करें।

मंत्रालय ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित है और किसी तरह की कमी नहीं है। पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति प्रभाव पर जारी दैनिक अपडेट में बताया कि ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग का हिस्सा बढ़कर लगभग 87 फीसदी हो गया है, जो पहले 84 फीसदी था। इसका श्रेय तेल विपणन कंपनियों के डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा देने और लोगों को एलपीजी डीलरशिप पर लंबी कतारों में खड़ा होकर आवश्यकता से ज्यादा खरीदारी करने से रोकने वाले अभियान को दिया गया है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार देश की सभी घरेलू रिफाइनरी पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं और पर्याप्त कच्चे तेल का भंडारण बनाए हुए हैं। देश पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है और घरेलू मांग पूरी करने के लिए इन ईंधनों का कोई आयात आवश्यक नहीं है। तेल विपणन कंपनियों ने ईंधन खुदरा बिक्री केंद्रों या एलपीजी वितरकों के पास भंडारण खत्म होने की कोई जानकारी नहीं दी है। पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की आपूर्ति नियमित रूप से बनाए रखी जा रही है। एलपीजी बुकिंग में गिरावट आई है। इससके एक दिन पहले शनिवार को लगभग 77 लाख बुकिंग दर्ज की गई थी, जबकि 13 मार्च, 2026 को यह संख्या 88.8 लाख थी। इसके साथ ही ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग बढ़कर 84 फीसदी से लगभग 87 फीसदी हो गया है।

मंत्रालय के मुताबिक घरेलू उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देना और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना फिलहाल जारी रहेगा, विशेषकर घरों और प्राथमिक क्षेत्रों जैसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों के लिए। केंद्र सरकार ने बिहार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने गैर-घरेलू एलपीजी के आवंटन के लिए निर्देश जारी किए हैं। वहीं, राज्य सरकारें पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस की जमाखोरी और काला बाजारी रोकने के लिए कड़ाई से निगरानी और कार्रवाई कर रही हैं।

पेट्रोयिम मंत्रालय के मुताबिक एलपीजी का उत्पादन अधिकतम किया गया है और बुकिंग अंतराल को समुचित रूप से निर्धारित किया गया है, ताकि समान वितरण भी सुनिश्चित हो सके। अद्यतन जानकारी में सरकार ने कहा कि विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों को 24 घंटे हेल्पलाइन सेवाओं के माध्यम से सहायता प्रदान कर रहा है। 28 फरवरी के बाद से लगभग 1.94 लाख यात्रियों को भारत लौटाया गया है।

मंत्रालय के मुताबिक सरकारी तेल विपणन कंपनियां डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा दे रही हैं, घबराकर बुकिंग करने से रोक रही हैं। एलपीजी वितरकों को रविवार को भी खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपूर्ति सुचारू रहे। सरकार ने कहा कि नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। साथ ही उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे घबराकर बुकिंग न करें, डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करें। इसके अलावा नागरिकों को पीएनजी जैसी वैकल्पिक ऊर्जा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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