March 11, 2026

केंद्र सरकार के निर्देश पर देश की तेल रिफाइनरियों ने एलपीजी का उत्पादन 10 फीसदी बढ़ाया

0
00-1773172963

नई दिल्ली।
घरेलू उपभोक्ताओं को रसोई गैस (एलपीजी) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद देश की तेल रिफाइनरियों ने एलपीजी का उत्पादन करीब 10 फीसदी बढ़ा दिया है। सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते एलएनजी आपूर्ति में आई बाधा के बीच एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए देश की तेल रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए थे। उत्पादन बढ़ाने के बाद सभी रिफाइनरियां 100 फीसदी क्षमता पर काम कर रही हैं।


एलपीजी की आपूर्ति को लेकर पीएम ने की उच्च स्तरीय बैठक

एलपीजी की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में रसोई गैस की संभावित कमी से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई।


रसोई गैस सिलिंडर की बुकिंग का प्रतीक्षा समय बढ़ा

केंद्र सरकार के निर्देश के बाद उत्पादन बढ़ाने के इस कदम से संभावित आपूर्ति बाधित होने को लेकर उठ रही चिंताओं को कम करने में मदद मिली है। सरकार ने घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग और अनियमितताओं को रोकने के लिए नए गैस सिलिंडर की बुकिंग के बीच प्रतीक्षा की अवधि भी 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दी है।


वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की किल्लत पर मंत्रालय ने बनाई समिति

वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की अचानक किल्लत होने से होटल और रेस्तरां उद्योग में चिंता बढ़ने के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने आपूर्ति से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है। पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक रेस्तरां, होटलों और अन्य उद्योगों को एलपीजी आपूर्ति से संबंधित मांगों की समीक्षा के लिए तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति बनाई गई है।


एलपीजी उत्पादन करने वाली इकाइयों को गैस आवंटन में मिलेगी प्राथमिकता

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण आयात प्रभावित होने के बीच सरकार की एक अधिसूचना में कहा गया है कि अब घरेलू रूप से उत्पादित प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर उन इकाइयों को की जाएगी, जो इसका उपयोग एलपीजी उत्पादन के लिए करती हैं। अभी तक संपीडित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और घरों में पाइप के जरिये पहुंचाई जाने वाली रसोई गैस (पीएनजी) ही ऐसे दो प्राथमिकता वाले क्षेत्र थे जिन्हें कच्चे माल के रूप में घरेलू प्राकृतिक गैस मिलती थी।

भारत में सालाना लगभग 3.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत होती है, इसमें लगभग 87 फीसदी हिस्सा घरेलू रसोई गैस का है, जबकि बाकी का उपयोग होटल, रेस्तरां और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में होता है। देश की कुल एलपीजी जरूरत का करीब 62 प्रतिशत आयात से पूरा होता है। भारत को सऊदी अरब जैसे देशों से एलपीजी आयात का 85 से 90 फीसदी हिस्सा मिलता है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *