March 11, 2026

Uttarakhand: गैरसैंण समेत तीन स्मार्ट सिटी बनेंगे, शहरों को मिलेगा जाम से छुटकारा

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UK-smart cities

– बजट बढ़ाकर 1814 करोड़ किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार ने सोमवार को गैरसैंण में आयोजित बजट सत्र के दौरान राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। इस बजट को प्रदेश के सर्वांगीण विकास और भविष्य की जरूरतों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सरकार की ओर से की गई इन महत्वपूर्ण घोषणाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को सृजित करना है।

तोहफा: 3 नई स्मार्ट सिटी का 
तेजी से बढ़ते शहरीकरण और आबादी के दबाव को देखते हुए धामी सरकार ने बजट में तीन नई ‘स्मार्ट सिटी’ विकसित करने का ऐलान किया है। सरकार का लक्ष्य इन शहरों को विश्वस्तरीय और आधुनिक सुविधाओं से लैस करना है। इससे बढ़ती आबादी को बेहतर जीवन स्तर मिल सकेगा। इन प्रस्तावित स्मार्ट सिटीज में आधुनिक परिवहन, डिजिटल कनेक्टिविटी और सुरक्षित पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष फोकस रहेगा।

शहरों को जाम से छुटकारा मिलेगा तो 4000 से अधिक लोगों को अपने आवास की सौगात मिलेगी। धामी सरकार ने शहरी विकास विभाग का बजट पिछले साल के 1161 करोड़ से बढ़ाकर इस साल 1814 करोड़ रुपए कर दिया है। वहीं, नगरीय अवस्थापना पर 60 करोड़ अतिरिक्त बजट दिया जाएगा।

सुविधाओं के साथ पर्यावरण पर ध्यान
इन नई स्मार्ट सिटीज की योजना केवल कंक्रीट के ढांचे तक सीमित नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यहां बेहतर सड़कों और मजबूत बिजली आपूर्ति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी खास ध्यान रखा जाएगा। हरित क्षेत्रों (Green Zones) को बढ़ावा देने और टिकाऊ विकास (Sustainable Development) के लिए विशेष रूपरेखा तैयार की गई है।

नई रफ्तार: निवेश और रोजगार को मिलेगी 
धामी सरकार का मानना है कि नई स्मार्ट सिटीज के निर्माण से उत्तराखंड में भारी निवेश के रास्ते खुलेंगे। इससे न केवल उद्योग और व्यापार को नई गति मिलेगी बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का विजन उत्तराखंड को विकास की दौड़ में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करना है।

मिलेगा जाम से छुटकारा, आवास विभाग को 130 करोड़
शहरों में पर्यटन सीजन में विशेषकर जाम मुसीबत है। इससे छुटकारे के लिए 196 वाहन पार्किंग स्थलों का चयन किया गया है। इसमें 66 सरफेस पार्किंग, 112 मल्टी लेवल कार पार्किंग, 09 ऑटोमेटेड कार पार्किंग और नौ टनल पार्किंग चिह्नित हैं। 196 में से 150 की डीपीआर तैयार हो चुकी, जिसमें से 618 करोड़ की 114 परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका। विकास प्राधिकरण 296 करोड़ की 11 परियोजनाओं पर अपने संसाधनों से काम कर रहे हैं। बजट में आवास विभाग को अवस्थापना मद में 130 करोड़ बजट प्रावधान किया गया। वहीं, पूंजीगत मद में 291 करोड़ का प्रावधान किया गया।

लक्ष्य: गांव और शहर के संतुलित विकास 
बजट में केवल शहरों पर ही नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर भी जोर दिया गया है। सरकार के अनुसार, प्रदेश का संतुलित विकास तभी संभव है जब गांव और शहर कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें। इसी सोच के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए भी कई नई योजनाओं की घोषणा की गई है। ये योजनाएं दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों के जीवन को सुगम बनाएंगी।

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