मंत्री परमार ने चित्रकूट के पंचवटी घाट पर किया श्रमदान, मां मंदाकिनी नदी को स्वच्छ रखने का संदेश दिया
मंत्री परमार ने कहा कि चित्रकूट धार्मिक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहाँ बहने वाली माँ मंदाकिनी नदी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी स्वच्छता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी से ही सफल होने वाला एक जनआंदोलन है।
घाट परिसर में पहुंचे सभी लोगों के साथ मिलकर मंत्री ने कचरा एकत्रित किया आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित किया और लोगों से आग्रह किया कि वे नदी में कोई कचरा न डालें। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय समुदाय प्रशासन और आगंतुकों का सहयोग ही स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक पर्यावरण सुनिश्चित कर सकता है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर माँ मंदाकिनी की स्वच्छता के लिए श्रमदान किया और इस पहल का उत्साहजनक समर्थन किया। मंत्री परमार ने आशा जताई कि इस प्रकार के अभियान स्थानीय लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी को बढ़ाएंगे।
मंत्री ने यह भी कहा कि स्वच्छता के लिए छोटे छोटे प्रयास भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। नदी और घाट का पर्यावरण केवल प्रशासनिक कर्मियों का कार्यक्षेत्र नहीं बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाएं।
इस मौके पर उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कहा कि इस तरह के अभियान धार्मिक स्थलों की साफ सफाई के साथ साथ स्थानीय पर्यटन और स्वास्थ्य के लिए भी बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि पंचवटी घाट जैसे धार्मिक स्थल स्वच्छ रहेंगे तो वहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का अनुभव भी सकारात्मक होगा।
घाट पर श्रमदान करते हुए मंत्री परमार ने यह संदेश भी दिया कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का काम केवल सरकार के हाथ में नहीं छोड़ना चाहिए। हर नागरिक की भागीदारी से ही माँ मंदाकिनी और अन्य नदियों का जल स्वच्छ और सुरक्षित रहेगा। यह कदम चित्रकूट के धार्मिक और सामाजिक जीवन में स्वच्छता के प्रति नई चेतना का प्रतीक बन गया है।
