लोहे की कड़ाही में खाना बनाने के फायदे और बचें इन सब्जियों से, जानिए क्यों
नई दिल्ली । भारतीय रसोई में सदियों से लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल होता रहा है। इसे केवल पारंपरिक माना ही नहीं जाता बल्कि यह सेहत के लिए भी लाभकारी है। विशेषज्ञों के अनुसार लोहे के बर्तनों में पकाया गया खाना शरीर को प्राकृतिक रूप से आयरन देता है जिससे खून की कमी यानी एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाव होता है।आजकल अधिकतर लोग स्टील या नॉन-स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं लेकिन लोहे की कड़ाही में बना खाना स्वाद में अलग और स्मोकी होता है। यह सब्जियों को अच्छी तरह भूनने और क्रिस्पी बनाने में भी मदद करता है। लेकिन हर सब्जी और व्यंजन को इसमें पकाना सही नहीं माना जाता।
लोहे की कड़ाही में बनाना फायदेमंद सब्जियां
हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक मेथी और सरसों का साग लोहे की कड़ाही में बनाने के लिए सबसे बेहतर मानी जाती हैं। इन सब्जियों में मौजूद पोषक तत्व कड़ाही में पकाने से शरीर को अच्छे से मिलते हैं और स्वाद भी बढ़ जाता है। इसके अलावा बैंगन का भरता आलू-जीरा परवल भिंडी और बीन्स जैसी सूखी सब्जियां भी लोहे की कड़ाही में आसानी से बनाई जा सकती हैं। हल्का स्मोकी फ्लेवर और पोषक तत्वों की सुरक्षा इन सब्जियों को और भी स्वादिष्ट बनाती है।
लोहे की कड़ाही में न बनाएं ये चीजें
लोहे की कड़ाही में न बनाएं ये चीजें
खट्टी चीजें जैसे टमाटर की ज्यादा ग्रेवी इमली या नींबू वाली डिश लंबे समय तक लोहे की कड़ाही में नहीं बनानी चाहिए। खटास के कारण लोहे के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया होती है जिससे खाना काला पड़ सकता है और स्वाद बदल सकता है।साथ ही दही वाली डिश जैसे कढ़ी या दही ग्रेवी भी लोहे की कड़ाही में नहीं बनानी चाहिए। दही में मौजूद खटास बर्तन के साथ प्रतिक्रिया कर सकती है जिससे खाने का रंग और स्वाद प्रभावित होता है।
लोहे की कड़ाही में खाना बनाने के फायदे
लोहे की कड़ाही में खाना बनाने के फायदे
सबसे बड़ा फायदा यह है कि खाने में प्राकृतिक आयरन की मात्रा बढ़ती है जिससे शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है और एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाव होता है। इसके अलावा इसमें बना खाना ज्यादा स्वादिष्ट भुना और क्रिस्पी होता है। नॉन-स्टिक बर्तनों की तुलना में लोहे की कड़ाही अधिक सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि इसमें केमिकल कोटिंग नहीं होती। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह लंबे समय तक टिकती है और हेल्दी कुकिंग का बेहतरीन विकल्प साबित होती है।
