March 9, 2026

Wrestling Federation of India ने तिराना में फंसी भारतीय महिला कुश्ती टीम को सुरक्षा का भरोसा दिया, हालात सामान्य होने तक ठहरने की व्यवस्था पुख्ता।

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नई दिल्ली। Iran–Israel तनाव के बीच पश्चिम एशिया में हवाई यातायात प्रभावित हुआ तो असर भारतीय महिला कुश्ती टीम पर भी पड़ा। मुहामेट मालो 2026 टूर्नामेंट के बाद दुबई मार्ग से भारत लौटने वाली टीम की फ्लाइट रद्द हो गई, जिसके कारण 16 महिला पहलवान और सपोर्ट स्टाफ अल्बानिया की राजधानी Tirana में ही रुक गए।

स्थिति संवेदनशील होने के बावजूद राहत की बात यह है कि टीम सुरक्षित है। एयरस्पेस बंद होने के बाद भारत सरकार और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने तुरंत दखल देते हुए खिलाड़ियों के ठहरने और सुरक्षा का इंतजाम किया। टीम एयरपोर्ट के पास एक होटल में ठहरी हुई है, जहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

“हमें यहां कोई दिक्कत नहीं” – कोचों का भरोसा
भारतीय महिला टीम के कोच मंजीत ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं है और वे सुरक्षित माहौल में हैं। मुख्य कोच वीरेंद्र सिंह ने बताया कि फ्लाइट रद्द होते ही खेल मंत्रालय और फेडरेशन की ओर से संपर्क किया गया। उन्होंने कहा कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, टीम को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। वीरेंद्र सिंह के मुताबिक, फेडरेशन ने भरोसा दिलाया है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और वापसी की वैकल्पिक व्यवस्था पर लगातार काम किया जा रहा है।

एयरस्पेस बंद होने से बढ़ी मुश्किलें
ईरान द्वारा क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर जवाबी हमलों के बाद यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन समेत कई देशों ने एहतियातन अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इसी के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा और कई रूट अस्थायी रूप से रोक दिए गए। भारतीय महिला टीम भी इसी वजह से निर्धारित समय पर स्वदेश नहीं लौट सकी।

मुहामेट मालो 2026 में भारत का प्रदर्शन
मुहामेट मालो 2026 रैंकिंग सीरीज के लिए भारत ने 48 सदस्यीय दल भेजा था, जिसमें फ्रीस्टाइल, महिला और ग्रीको-रोमन-तीनों वर्गों में 16-16 पहलवान शामिल थे। पुरुष फ्रीस्टाइल में अंडर-23 विश्व चैंपियन सुजीत कलकल ने 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। कुल मिलाकर भारत ने एक स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य पदक के साथ टूर्नामेंट का समापन किया।
अब सबकी नजरें हालात सामान्य होने और महिला टीम की सुरक्षित वापसी पर टिकी हैं। राहत की बात यही है-खिलाड़ी सुरक्षित हैं और सिस्टम उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

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